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1.81 करोड़ नए मतदाता जुड़े, पंचायत चुनाव की अंतिम सूची 10 जून को आएगी

लखनऊ पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण-2025 की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। अनंतिम सूची जारी करने के बाद आए दावे-आपत्तियों पर सुनवाई कर उनको निस्तारित कर दिया गया है। पूरा डाटा ऑनलाइन फीड कर दिया गया है। दस जून को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा। अब इसमें देरी की कोई गुंजाइश नहीं बची है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया था। 18 दिसंबर 2025 को आयोग ने अनंतिम सूची जारी की थी। जिसमें पता चला था कि पुनरीक्षण के दौरान 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं जबकि 1.41 करोड़

Wrriten By :

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Published On :

जून 8, 2026

लखनऊ
पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण-2025 की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। अनंतिम सूची जारी करने के बाद आए दावे-आपत्तियों पर सुनवाई कर उनको निस्तारित कर दिया गया है। पूरा डाटा ऑनलाइन फीड कर दिया गया है। दस जून को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा। अब इसमें देरी की कोई गुंजाइश नहीं बची है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया था। 18 दिसंबर 2025 को आयोग ने अनंतिम सूची जारी की थी। जिसमें पता चला था कि पुनरीक्षण के दौरान 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं जबकि 1.41 करोड़ अयोग्य लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस सूची में कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। आयोग ने अनंतिम सूची पर दावे और आपत्तियां मांगे थे। लाखों आपत्तियां आईं। एक के बाद एक पांच बार अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख बढ़ाई गई। आखिर में दस जून 2026 की तारीख तय की गई है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अंतिम सूची को लेकर आयोग ने सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। सभी मतदाताओं को 9 अंकों का स्टेट वोटर नंबर भी दिया गया है। इसी तरह के कई और व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित होगी। आयोग दस जून को अंतिम सूची जारी कर देगा। जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि पिछली बार की अपेक्षा कितने वोटर बढ़े। इसके अलावा अन्य डाटा भी मिल जाएगा। अनंतिम सूची की अपेक्षा इसमें मामूली बदलाव संभव है।

तैयारी पूरी, फिलहाट टल गए हैं चुनाव
आयोग ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। चूंकि धीरे धीरे चुनाव का समय बढ़ता गया, इसलिए आयोग भी मतदाता सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ाता गया। जिससे उनको सूची को और व्यवस्थित करने का मौका मिल गया। फिलहाल सरकार प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर चुकी है। स्पष्ट है कि चुनाव फिलहाल टल गए हैं।