दुर्ग में 1149 म्यूल अकाउंट पकड़े गए, करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़े ट्रांजैक्शन उजागर

दुर्ग. दुर्ग जिले में साइबर ठगी का जाल अब म्यूल अकाउंट के जरिए संगठित रूप ले चुका है। मामूली कमीशन या लालच देकर लोगों के बैंक खातों का उपयोग अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिले में सैकड़ों बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया है। सुपेला, दुर्ग, पुरानी भिलाई, नेवई, छावनी, मोहननगर, भिलाई भट्ठी, नंदिनी, पद्मनाभपुर, उतई, वैशालीनगर व साइबर थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में 1149 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल सामने आया है। मोहन नगर के एक मामले में 111 खातों

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Published On :

जुलाई 2, 2026

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दुर्ग.

दुर्ग जिले में साइबर ठगी का जाल अब म्यूल अकाउंट के जरिए संगठित रूप ले चुका है। मामूली कमीशन या लालच देकर लोगों के बैंक खातों का उपयोग अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिले में सैकड़ों बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया है।

सुपेला, दुर्ग, पुरानी भिलाई, नेवई, छावनी, मोहननगर, भिलाई भट्ठी, नंदिनी, पद्मनाभपुर, उतई, वैशालीनगर व साइबर थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में 1149 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल सामने आया है। मोहन नगर के एक मामले में 111 खातों के जरिए बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी हुई। एक अन्य प्रकरण में 22 खातों से 10 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी दर्ज की गई। सुपेला क्षेत्र में 105 खातों के जरिए एक करोड़ रुपए से ज्यादा का फर्जी ट्रांजेक्शन हुआ। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि नेटवर्क बेहद संगठित और व्यापक है।

दुर्ग जिले में साइबर अपराध की काली कमाई छिपाने के लिए म्यूल खातों के प्रयोग का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस का यह बड़ा अभियान चलाकर प्रारंभिक जांच में सामने आया है। कि बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित धनराशि को छिपाने, विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने आदि के लिए किया जा रहा था

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