हिजाब विवाद

हिजाब विवाद : आइये जानते हैं हिजाब विवाद से जुड़ी पूरी जानकारी, कब, कैसे और कहां से हुई शुरूआत

हिजाब विवाद : आइये जानते हैं हिजाब विवाद से जुड़ी पूरी जानकारी, कब, कैसे और कहां से हुई शुरूआत

हिजाब विवाद : आखिर क्या हैं हिजाब विवाद को लेकर पूरा मामला... कब और कहां से शुरू हुआ हिजाब विवाद का मामला...  आखिरकार मामले को लेकर हाईकोर्ट क्या हैं कहना.... तो आइये आज हम आपको बताएंगे हिजाब विवाद से जुड़ी पूरी जानकारी।

आपको बतादें कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्कूल लड़कियों के हिजाब पहनने पर एक अहम फैसला सुनाया था। कोर्ट ने हिजाब विवादो को लेकर याचिका खारिज भी कर दी थी। हिजाब विवाद को लेकर कोर्ट का कहना हैं कि- हिजाब इस्लाम की अनिवार्य प्रथा का हिस्सा नहीं हैं। इसलिए स्टूडेंट स्कूल की यूनिफार्म पहनने से मना नहीं कर सकते हैं। 

स्कूल-कॉलेज में नहीं पहन सकते हिजाब: कर्नाटक हाई कोर्ट

तो आइयें जानते हैं हिजाब विवाद की शुरूवात कब और कैसे हुई

हिजाब विवाद को लेकर बतादें कि 1 जनवरी 2022 को कर्नाटक के उडुपी के एक कॉलेज में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर क्लास में बैठने से रोका गया था। इसको लेकर कॉलेज ने नई यूनिफार्म पॉलिसी वजह बताई हैं। जिसके बाद से हिजाब विवाद की शुरूवात हो गई हैं। कर्नाटक से शुरू हुआ यह विवाद देशभर में विरोध प्रदर्शन का मुद्दा बन गया हैं। जिसके बाद उडुपी जिले के कुछ कॉलेजों में हिजाब और भगवा प्रदर्शन के साथ विरोध शुरू हो गया। जिसमें मुस्लिम छात्रों के हिजाब पहनकर आने पर कुछ हिन्दु छात्रों ने भगवा शॉल से देना शुरू किया था। जिसके बाद यह विवाद विरोध में परिवर्तित होकर और बढ़ता चला गया। 

26 जनवरी को कर्नाटक सरकार ने क्लासरूम में हिजाब पहनने को लेकर इस विवाद को सुलझाने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया। जिसके बाद 31 जनवरी को उडुपी की मुस्लिम छात्राओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट में लीव पेटिशन दायर किया था। उनकी दर्ज की गई याचिका में कहा गया था कि हिजाब पहनने को मौलिक अधिकार घोषित किया जाए। साथ ही उस याचिका में ये भी दर्ज था कि भारतीय संविधान अंतरात्मा की स्वतंत्रता और धर्म को मानने, अभ्यास करने व प्रचार करने के अधिकार की गांरटी देता हैं। हिजाब विवाद: उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने  कर्नाटक को नोटिस जारी किया - Republic Bharat

कर्नाटक कोर्ट ने हिजाब को लेकर दिया था यह फैसला

मुस्लिम छात्राओं के द्वारा डाली गई याचिका को लेकर 5 फरवरी 2022 में कर्नाटक कोर्ट ने कर्नाटक शिक्षा अधिनियम के तहत 1983 की धारा 132(2) लागू कर दी। जिसमें सभी छात्र-छात्राओं के लिए कॉलेज में तय यूनिफार्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया। बतादें कि यह आदेश सरकारी और निजी कॉलेजों पर लागू किया गया हैं। जिसके बाद 8 फरवरी को इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और क्लास में हिजाब पहनने और विरोध करने वाले दोनों ही सड़को पर उतर आएं थे जिसके बाद जगह जगह विरोध प्रदर्शन के साथ हिंसा भी हुई और कई जगह तो पथराव भी हुआ था। जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले को देखते हुए स्कूल और कॉलेजों को 9 से 15 फरवरी के लिए बंद कर दिया था। supreme court denies to hear hijab row urgently gives instruction to hijab  supporters - India Hindi News - हिजाब विवाद: सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई  से इनकार, नसीहत देते हुए कहा ...

जिसके बाद छात्राओं ने मामले को लेकर हाईकोर्ट का रूख किया और 10 फरवरी से हाईकोर्ट ने मामले को लेकर रोजाना सुनवाई भी की। बतादें कि 11 दिनों की सुनवाई के बाद 25 फरवरी को कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब कोर्ट ने स्थाई रूप से स्कूल और कॉलेज में धार्मिक प्रतिक पहनकर जानें पर प्रतिबंध लगा दिया था। 

कर्नाटक हाईकोर्ट: स्कूल-कॉलेजों में हिजाब की इजाजत नहीं – DW – 15.03.2022

जानें आज क्या रहा हिजाब को लेकर कोर्ट का फैसला

बतादें कि कर्नाटक के हिजाब मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को लंबी सुनवाई के बाद आज अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। हिजाब को मामले को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत में यह सुनवाई 10 दिनों तक चली। कोर्ट अब अपने फैसले में तय करेगा कि कर्नाटक हाई कोर्ट की ओर से हिजाब की पाबंदी को लेकर दिया गया फैसला सही है या फिर नहीं। सुनवाई के दौरान कल कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से अपनी दलीलें जल्द से जल्द खत्म करने को कहा था।

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सुप्रीम कोर्ट में 10 दिनों तक चली सुनवाई के बाद जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने हिजाब विवाद पर सुनवाई पूरी करने का ऐलान करने के साथ ही फैसला सुरक्षित रख लिया। यह भी कहा कि अब भी जिनको लिखित दलीलें देनी हो दे सकते हैं। जिसको लेकर जल्द ही फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही हैं, कोर्ट में चल रहे हिजाब को लेकर बहस के अंत में संजय हेगड़े ने एक शेर में कहा, ‘उन्हें है शौक तुम्हें बेपर्दा देखने का, तुम्हें शर्म आती हो तो अपनी आंखों पर हथेलियां रख लो।’

वैसे अब फैसले हिजाब पर सुप्रीम फैसला 16 अक्टूबर से पहले आ सकता है, क्योंकि मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस हेमंत गुप्ता अगले महीने 16 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं।


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