समाजवादी पार्टी (SP) के Akhilesh Yadav ने 9 अक्टूबर को लखनऊ में हुई बहुजन समाज पार्टी (BSP) की रैली को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आज बसपा को जितनी जरूरत आकाश आनंद की है, उससे कहीं ज्यादा जरूरत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को है। यह टिप्पणी उन्होंने उस वक्त की जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने रैली में भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाते हुए कांग्रेस और सपा पर तीखा हमला किया था।
आकाश आनंद को लेकर तीखा तंज
गुरुवार को आयोजित बसपा की रैली में मायावती ने भाजपा की तुलना में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को अधिक निशाने पर रखा था। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी प्रशंसा की और पार्टी समर्थकों से आकाश आनंद का समर्थन करने की अपील की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “यह सारे पत्रकार जानते हैं कि बसपा को जितनी जरूरत आकाश आनंद की है उससे कहीं ज्यादा भाजपा को है।”
योगी सरकार पर जमकर हमला
अखिलेश यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर योगी सरकार पर भी गंभीर हमला किया। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश के नाम पर बनाए गए सोशलिस्ट म्यूजियम JPNIC को सपा किसी भी हाल में बिकने नहीं देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जयप्रकाश नारायण द्वारा दिए गए ‘संपूर्ण क्रांति’ के नारे की आज भी आवश्यकता है और देश को समाजवादी मूल्यों के आधार पर चलना होगा।अखिलेश यादव ने कहा, “हमारा सिद्धांत कभी नहीं बदलेगा। जितना ज्यादा हम जमीन पर काम करेंगे, उतनी हमारी लड़ाई सफल होगी। पूरे देश में एक सोशलिस्ट लीडर को समर्पित JPNIC से बेहतर म्यूजियम नहीं होगा।”
बिहार चुनाव और महिलाओं के अधिकार पर बात
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जहां भी बुलावा आएगा, वे जाएंगे। उन्होंने महिलाओं के बराबर अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि आधी आबादी के बिना कोई भी समाज खुशहाल नहीं हो सकता। यह उनके राजनीतिक एजेंडे का अहम हिस्सा है।
दलित IPS अधिकारी की आत्महत्या पर जताया दुख
अखिलेश यादव ने हरियाणा में एक दलित IPS अधिकारी की आत्महत्या के मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जाति के आधार पर अधिकारी को अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और इससे ज्यादा खराब देश के लिए और क्या हो सकता है कि एक चीफ जस्टिस पर जूता फेंका जाए।
भाजपा पर आरोप
सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा PDA (प्रगतिशील दलित आन्दोलन) से घबराई हुई है और जातीय समीकरण को अपने चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल करती है। लेकिन जब उन्हें हार का सामना करना पड़ता है, तो वे हाईकोर्ट का सहारा लेते हैं।
Read More: Bihar Election 2025: BJP विधायक मिश्रीलाल यादव ने दिया इस्तीफा, RJD में शामिल होने की अटकलें तेज
