Ayodhya News: अयोध्या के बहुचर्चित रेप मामले में कानूनी मोड़ आने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पॉक्सो (POCSO) कोर्ट द्वारा समाजवादी पार्टी के पूर्व पदाधिकारी मोईद अहमद को ससम्मान बरी किए जाने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार की ‘बुलडोजर कार्रवाई’ पर जोरदार हमला बोला है।
Ram Mandir Ayodhya 2nd Anniversary: अयोध्या में रामलला के दो साल पूरे, जानें कैसे बदली रामनगरी की तस्वीर
अखिलेश यादव का सरकार पर तंज
बताते चले कि, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या भेदभावकारी भाजपा सरकार के पास कोई ऐसा बुलडोजर भी है जो बेगुनाहों के टूटे हुए घर वापस बना सके? अखिलेश ने कहा कि घर तोड़ना आसान है, लेकिन क्या सरकार उस पर मान-सम्मान का छप्पर फिर से लगा सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज में बुलडोजर संस्कृति नकारात्मकता और विध्वंसकारी सोच का प्रतीक बन चुकी है।
नाइंसाफी के खिलाफ सपा प्रमुख का वार
आपको बता दे कि, अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में न्याय के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग अपने ऊपर लगे मुकदमे तो हटवा सकते हैं, लेकिन जनता के साथ किए गए पापों का हिसाब ‘ऊपरवाले की अदालत’ में जरूर होगा। उन्होंने सवाल किया कि इतना अन्याय और एकतरफा पक्षपात करके कोई चैन की नींद कैसे सो सकता है? सपा प्रमुख के अनुसार, नाइंसाफी भाजपा सरकार की पहचान बन गई है और साजिश कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में जीत सच्चाई की ही होती है।
पॉक्सो कोर्ट का अहम फैसला
कानूनी कार्रवाई की बात करें तो अयोध्या की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी राजू खान (21 वर्ष) को 14 साल की नाबालिग से दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। हालांकि, इसी मामले में सह-आरोपी रहे मोईद अहमद (65 वर्ष) के खिलाफ कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि मोईद अहमद के विरुद्ध अपराध साबित नहीं हुआ है, इसलिए वह दोषमुक्त और बरी होने के हकदार हैं।
अयोध्या मामले में सियासी हार-जीत का दावा
अखिलेश यादव ने अपने बयान को राजनीतिक रूप देते हुए कहा कि भाजपा की सियासत जिस तरह से आम लोगों के साथ नाइंसाफी कर रही है, अब उसकी हार तय है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपाई और उनके संगी-साथी यह याद रखें कि भाजपाई अन्याय की उम्र ज्यादा लंबी नहीं होती। मोईद अहमद का घर ढहाने की कार्रवाई को उन्होंने पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया और कहा कि जब अदालत ने उन्हें बेगुनाह मान लिया है, तो उनके साथ हुए अन्याय की भरपाई कौन करेगा?









