Digvijay Singh: दिग्विजय सिंह के तीखे सवाल, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर प्रश्न

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। दान पेटियों में औसत से कम राशि मिलने के बाद हिडन कैमरों से इस चोरी का पर्दाफाश हुआ। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जानें इस करोड़ों के घोटाले का पूरा सच।

Digvijay Singh

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 28, 2026

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Digvijay Singh: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में हुई कथित चोरी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दल लगातार भाजपा सरकार और मंदिर ट्रस्ट को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। इस कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। रतलाम में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद इस मंदिर के लिए 1,11,000 रुपये का दान चेक के माध्यम से दिया था, लेकिन आज जो लूट और गबन की खबरें सामने आ रही हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला संज्ञान में आया था, तब तुरंत एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई? दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की नियुक्ति स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी, फिर भी वे इस मामले पर मौन साधे हुए हैं।

करोड़ों की आमदनी और दानपात्र में चोरी की साजिश

बताते चले कि, राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही देश-दुनिया से भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है, जिससे मंदिर की आय में भारी उछाल आया है। ट्रस्ट के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में मंदिर की कुल आमदनी 327 करोड़ रुपये रही है, जिसमें से 153 करोड़ रुपये केवल भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे से प्राप्त हुए हैं। इतनी भारी मात्रा में आ रहे दान और चढ़ावे के बीच गबन की यह खबर मंदिर की व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है। विपक्ष का आरोप है कि चंदा गबन मामले में ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारी और जिम्मेदार लोग सीधे तौर पर लिप्त हैं, जिनकी मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं थी।

कैसे पकड़ी गई राम मंदिर दान पेटी की चोरी?

हालांकि मामला अब सार्वजनिक हुआ है, लेकिन मंदिर ट्रस्ट को इस हेराफेरी का अंदेशा मई महीने के अंतिम सप्ताह में ही हो गया था। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने जब बैंक में जमा की जा रही रकम और दानपेटियों से प्राप्त राशि का मिलान किया, तो उन्हें भारी अंतर नजर आया। दान की औसत राशि में गिरावट देख ट्रस्ट सतर्क हो गया। इस कथित चोरी को पकड़ने के लिए ट्रस्ट ने एक गुप्त योजना बनाई और उस कमरे में हिडन सीसीटीवी कैमरे लगवाए, जहाँ दानपेटियां खोली जाती हैं और नोटों की गिनती होती है। इन कैमरों की फुटेज ने ही चोरी की इस शर्मनाक साजिश का पर्दाफाश किया।

8 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

मामले के तूल पकड़ने और जांच के बाद आखिरकार पुलिस ने सक्रियता दिखाई है। राम मंदिर चढ़ावा लूट और गबन मामले में अब तक की कार्रवाई में शुक्रवार, 26 जून को 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर भी आपत्ति जताते हुए कहा है कि पुलिस को आरोपियों की रिमांड लेकर गहराई से पूछताछ करनी चाहिए थी ताकि इस घोटाले के मास्टरमाइंड का पता चल सके। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने देशभर के उन लाखों भक्तों की भावनाओं को आहत किया है, जिन्होंने अपनी श्रद्धा के साथ मंदिर में कीमती सामान और नकदी दान की थी।

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