Baramulla Earthquake: सोमवार, 2 फरवरी की सुबह जम्मू और कश्मीर के बारामूला जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारतीय समयानुसार लगभग 5:35 बजे आए इन झटकों की तीव्रता 4.6 मापी गई। अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र पट्टन क्षेत्र था। झटके इतने स्पष्ट थे कि उन्हें भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में महसूस किया गया।
भूकंप के बाद फिलहाल किसी तरह के बड़े नुकसान या चोटिल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, सोशल मीडिया पर साझा किए गए कई वीडियो सीसीटीवी कैमरों में कैद किए गए हैं, जिनमें झटकों की तीव्रता और अचानक आए भूकंप के प्रभाव को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। एक वीडियो में लगभग 30 सेकंड तक लगातार झटके आते दिखाए गए हैं। कुछ स्थानीय लोग मान रहे हैं कि भूकंप की तीव्रता लगभग 4.8 रही होगी।
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कश्मीर क्षेत्र का भूकंपीय इतिहास

कश्मीर घाटी और इसके आसपास के इलाके भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है। यहां समय-समय पर भूकंपीय गतिविधियां होती रही हैं। बारामूला में आए इस भूकंप को भी इसी भूगर्भीय संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के मध्यम तीव्रता वाले भूकंप आम तौर पर गंभीर नुकसान नहीं करते, लेकिन इससे हल्की अस्थायी हड़बड़ी या छोटी-मोटी दरारें निर्माण में हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल जनता को सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
देश के अन्य हिस्सों में भी भूकंप

इसके अलावा, सोमवार की सुबह लगभग 3:30 बजे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इस तरह के भूकंप संकेत देते हैं कि भारत के कई संवेदनशील क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से सक्रिय हैं और यहां समय-समय पर भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं।
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