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Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार लड़ाई सिर्फ सत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था, पहचान और भावनाओं के मुद्दे भी प्रमुख रूप से उभर रहे हैं। Mamata Banerjee को लेकर संत समाज के कथित “श्राप” की चर्चा जोरों पर है और यह अब चुनावी बहस का हिस्सा बन गया है। कहा जाता है कि सालों पहले एक संत ने बंगाल में हिंदुओं के कथित उत्पीड़न को लेकर चेतावनी दी थी कि जहाँ सनातन धर्म को दबाया जाएगा, वहां सत्ता लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को इसी दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।










