Bihar: पटना के कोचिंग जगत में पिछले कुछ दिनों से जारी तनाव और विवादों के बीच, खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान, जिन्हें देशभर में ‘खान सर’ के नाम से जाना जाता है, को पटना सिविल कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। फायरिंग मामले में उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई थी, जिसे लेकर पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।
कानूनी लड़ाई और सुरक्षाकर्मियों की स्थिति
यह पूरा मामला कदमकुआं थाना क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी से जुड़ा है। खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत में दलीलें पेश करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को एक सोची-समझी साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के साथ ही, उनके दो सुरक्षाकर्मियों—दीपक कुमार और तालेबर सिंह—की नियमित जमानत याचिका पर भी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में बहस हुई। ये सुरक्षाकर्मी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल में बंद हैं। अदालत ने इस मामले में पुलिस से विस्तृत केस डायरी और जख्म प्रतिवेदन (Injury Report) तलब किया है।
कोचिंग विवाद
इस विवाद की जड़ कोचिंग संस्थानों के बीच उपजी प्रतिस्पर्धा है। अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत को स्पष्ट किया कि घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब खान ग्लोबल स्टडीज के गेट पर हुई वारदात के बाद उनके संस्थान के एक कर्मी ने दूसरे संस्थान के निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद, कथित तौर पर बदले की भावना से विरोधी पक्ष ने भी एक जवाबी प्राथमिकी दर्ज करवाई। इस एफआईआर में खान सर का नाम जानबूझकर जोड़ा गया है, जबकि सुरक्षाकर्मियों ने आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की थी। बचाव पक्ष का तर्क है कि खान सर के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और यह केवल उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने का एक जरिया है।
रौशन आनंद की जमानत पर फैसला सुरक्षित
इसी प्रकरण के समानांतर, ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई पूरी हो गई है। खान ग्लोबल स्टडीज में घुसकर मारपीट करने के मामले में गिरफ्तार रौशन आनंद की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें रखीं। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद रौशन आनंद की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ था मामला
यह सारा विवाद तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर कोचिंग संस्थान के बाहर गोलीबारी का एक वीडियो वायरल हो गया। इसी वीडियो को आधार बनाकर कदमकुआं पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और शस्त्र अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया था। अब पूरे मामले में अदालत की कार्रवाई ही यह तय करेगी कि कानूनी रूप से दोषी कौन है और निर्दोष कौन। फिलहाल, कोर्ट का रुख खान सर के लिए सकारात्मक है, लेकिन पूरे कोचिंग विवाद के अन्य पहलुओं पर अभी अंतिम निर्णय आना बाकी है।










