Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार प्रसार अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है. चुनाव आयोग के अनुसार, कल यानी 9 नवंबर को शाम 5 बजे से सभी चुनावी प्रचार थम जाएंगे। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेताओं ने राज्य में चुनावी माहौल को गर्माने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.
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बीजेपी के प्रमुख नेताओं की सक्रियता

बीजेपी के चार बड़े नेताओं—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा—ने अब तक बिहार में कुल लगभग 70 रैलियों और रोड शो में भाग लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चुनावी यात्रा 24 अक्टूबर को समस्तीपुर से शुरू की। इस दौरान बीजेपी के नेता एक दिन में दो से तीन रैलियां करके जनता से सीधे संपर्क में रहे।
PM मोदी और अमित शाह की रैलियों की संख्या
अब तक पीएम मोदी ने 12 रैलियां और एक रोड शो किया है। वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने 17 अक्टूबर से प्रचार शुरू किया और अब तक 35 रैलियों और एक रोड शो में हिस्सा लिया है। इसके अलावा अमित शाह ने बिहार के चारों हिस्सों में संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलनों का आयोजन भी किया।
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राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा की भागीदारी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अब तक 17 रैलियां की हैं और कल की रैली के बाद उनकी कुल रैलियों की संख्या 20 तक पहुंच जाएगी। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 23 अक्टूबर से बिहार में अभियान शुरू किया है। उन्होंने अब तक 12 रैलियां, एक रोड शो और तीन संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लिया है।
बिहार में दूसरे चरण के लिए तैयारियां
बिहार विधानसभा चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण 11 नवंबर को होने वाला है। इस चरण में राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से 122 सीटों पर मतदान होगा। इस चरण में बीजेपी-जनता दल (यूनाइटेड) के नेतृत्व वाले एनडीए और राजद-कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर की संभावना है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण में कुल 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं।
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पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग

पहले चरण में बिहार में बम्पर वोटिंग हुई थी। विशेष रूप से महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। पहले चरण में 64 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई, जिसे एनडीए के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सत्ताधारी दल का मानना है कि यह उनके पक्ष में जनसमर्थन का संकेत है।
विपक्ष के मत का दावा
विरोधी दलों का दावा है कि पहले चरण में बढ़ी वोटिंग राज्य में नीतीश कुमार सरकार की विदाई का संकेत है। अब चुनावी निगाहें दूसरे चरण पर टिक गई हैं, जहां यह देखने की बात होगी कि पहले चरण में दिखा जोश और उत्साह क्या वोटरों में दोबारा नजर आता है या नहीं।
