Kerala Election 2026 : बीजेपी का ‘संकल्प पत्र’ जारी, ₹3000 पेंशन, एम्स और साबरमाला के लिए बड़े वादे

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपना 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। राशन, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर केंद्रित इस घोषणापत्र में राज्य के लिए एम्स (AIIMS) और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे बड़े वादे किए गए हैं। क्या भाजपा का यह 'विकासित केरल' विजन एलडीएफ और यूडीएफ के किले को भेद पाएगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 31, 2026

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Kerala Election 2026 : दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य केरल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर राज्य की जनता को लुभाने के लिए बड़े वादों का पिटारा खोल दिया है। बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों पर ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी का मुख्य जोर ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ केरल की बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार बीजेपी केरल के द्विपक्षीय मुकाबले (LDF बनाम UDF) को त्रिकोणीय बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा: राशन से लेकर पेंशन तक

बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं की आर्थिक आजादी के लिए ‘फूड एंड हेल्थ सिक्योरिटी कार्ड’ योजना का बड़ा वादा किया है। इसके तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये तक का मुफ्त राशन मुहैया कराया जाएगा। इसके साथ ही, विधवाओं और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए 3,000 रुपये मासिक पेंशन की घोषणा की गई है। पार्टी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि राज्य के हर घर में नल से जल का कनेक्शन दिया जाएगा और प्रत्येक परिवार को हर महीने 20,000 लीटर पानी पूरी तरह मुफ्त मिलेगा। इसके अलावा, ओणम और क्रिसमस जैसे प्रमुख त्योहारों पर एलपीजी सिलेंडरों पर विशेष सब्सिडी देने का भी वादा किया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश: केरल को मिलेगा अपना एम्स

केरल की स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बीजेपी ने राज्य में एक ‘अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान’ (AIIMS) खोलने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही, पूरे राज्य में ‘मोबाइल हॉस्पिटल सर्विस’ शुरू की जाएगी, ताकि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को घर बैठे इलाज मिल सके। एंबुलेंस की सुविधा को पूरी तरह मुफ्त करने और एक व्यापक इंश्योरेंस स्कीम लाने का भी वादा किया गया है, जिसमें राज्य के सभी नागरिकों को कवर किया जाएगा। किसानों की सुरक्षा के लिए ‘कृषि बीमा योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात भी घोषणापत्र में प्रमुखता से कही गई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: हाई-स्पीड रेल और मेट्रो का जाल

पार्टी ने केरल के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए ‘डेवलप्ड केरला’ (Developed Kerala) प्रोजेक्ट का खाका पेश किया है। इसके तहत तिरुवनंतपुरम से कन्नूर, कोझिकोड से कालपेट्टा और त्रिशूर से पलक्कड़ तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबरीमाला जाने वाले भक्तों हेतु चेनगन्नूर से पांबा तक विशेष ‘सबरी रेल’ शुरू करने का वादा किया गया है। साथ ही, तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड जैसे प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का विस्तार और नई रेलवे लाइनों का निर्माण बीजेपी की प्राथमिकताओं में शामिल है।

केरल चुनाव 2026: चुनावी गणित और महत्वपूर्ण तिथियां

केरल की सभी 140 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान होना है। राज्य में 9 अप्रैल 2026 को वोट डाले जाएंगे, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई 2026 को की जाएगी। पिछले विधानसभा चुनाव (2021) के आंकड़ों पर नजर डालें तो एलडीएफ (LDF) ने 99 सीटों के साथ सत्ता में वापसी की थी, जबकि यूडीएफ (UDF) के खाते में 41 सीटें आई थीं। पिछला चुनाव बीजेपी के लिए निराशाजनक रहा था और पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी, लेकिन इस बार अपने आकर्षक घोषणापत्र और आक्रामक चुनाव प्रचार के दम पर बीजेपी केरल के राजनीतिक इतिहास को बदलने की उम्मीद कर रही है।

क्या बीजेपी का ‘संकल्प’ बदलेगा केरल की राजनीति?

31 मार्च 2026 को जारी इस घोषणापत्र ने केरल के चुनावी दंगल को और भी दिलचस्प बना दिया है। मुफ्त पानी, एम्स और हाई-स्पीड रेल जैसे वादे मतदाताओं को कितना प्रभावित करेंगे, यह तो 4 मई को ही साफ होगा। फिलहाल, बीजेपी ने अपने ‘विजन डॉक्यूमेंट’ के जरिए यह संदेश दे दिया है कि वह केरल में केवल उपस्थिति दर्ज कराने नहीं, बल्कि सत्ता की मुख्य रेस में शामिल होने आई है। विपक्षी दलों ने इन वादों को ‘चुनावी जुमला’ करार दिया है, जबकि बीजेपी इसे ‘नव केरल’ के निर्माण की दिशा में पहला कदम बता रही है।

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