Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया और कहा कि उनकी सरकार की पहचान रही है – रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने यह भी कहा कि अब देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर चल पड़ा है।
पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति ने सत्र की शुरुआत में सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, मुझे विश्वास है कि सांसदों ने उसे गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब दूसरे चौथाई की शुरुआत हो चुकी है। अगले 25 वर्ष ‘2047 विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए अहम हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला भविष्य बहुत उज्जवल है और देश आर्थिक और सामाजिक प्रगति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
Budget Session 2026: संसद में आज से शुरू हुआ बजट सत्र, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी संयुक्त सत्र को संबोधित
भारत-EU फ्री ट्रेड डील

पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के व्यापार और निर्यात के लिए नए अवसर खोलता है। प्रधानमंत्री ने निर्माताओं से अपील की कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा, “बेस्ट क्वालिटी लेकर बाजार में जाएं। यह EU के 27 देशों के खरीदारों का दिल जीत लेगा और लंबे समय तक इसका असर रहेगा। यह कदम ‘प्रोडक्टिव भारत’ के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण है।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। बजट पेश करने से पहले वे आर्थिक सर्वे भी पेश करेंगी, जो देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, विकास दर और सुधारात्मक उपायों का विस्तृत आकलन प्रदान करता है।
आर्थिक विशेषज्ञों की मानें तो यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीतियों और सुधारों का संकेत दे सकता है। बजट में निवेश, रोजगार, निर्यात, विनिर्माण और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उपाय शामिल होने की उम्मीद है।
विपक्ष का एजेंडा और चर्चा के मुद्दे
बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने G-RAM-G बिल और स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की। लेकिन केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि ये मुद्दे पहले ही शीतकालीन सत्र में उठाए जा चुके हैं और इस सत्र में इनके लिए कोई विशेष चर्चा नहीं होगी।









