Budget Session 2026 के दौरान संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी दलों ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर तत्काल चर्चा की मांग उठाई। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों जगह कार्यवाही बाधित रही। विपक्ष का आरोप है कि यह ट्रेड डील देश के हितों, खासकर किसानों के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
लोकसभा में कार्यवाही बार-बार स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के कारण केवल 8 मिनट ही चल सकी। इसके बाद सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हालात नहीं सुधरे और महज 13 मिनट बाद ही स्पीकर ने सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
स्पीकर की नसीहत भी नहीं रोक सकी नारेबाजी
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सदन के भीतर नारेबाजी करना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने अपील की कि चर्चा के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाए, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष का विरोध जारी रहा और कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
राज्यसभा में विपक्ष का वॉकआउट
राज्यसभा में भी स्थिति अलग नहीं रही। विपक्षी दलों ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर चर्चा की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। खासतौर पर अमेरिकी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क को शून्य करने के प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया और इसे भारतीय किसानों के लिए घातक बताया।
संसद परिसर के बाहर भी प्रदर्शन
सदन के अंदर के साथ-साथ संसद परिसर के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इस समझौते से घरेलू कृषि बाजार प्रभावित होगा और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। विपक्ष ने सरकार से इस डील के सभी पहलुओं को सार्वजनिक करने की मांग की।
स्पीकर ने बुलाई भाजपा-कांग्रेस की बैठक
लगातार हो रहे हंगामे को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कांग्रेस और भाजपा के वरिष्ठ सांसदों के साथ बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और गतिरोध को खत्म करने के उपाय तलाशना था। सूत्रों के मुताबिक, सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई।
एनडीए बैठक में पीएम मोदी का स्वागत
इधर, अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर मंगलवार सुबह एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस समझौते को “अद्भुत और ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर खोलेगा।
कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने इस ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर में सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी, उसी तरह इस ट्रेड डील की जानकारी भी पहले अमेरिका की ओर से सामने आई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने इस मामले में “हार मान ली है” और देशहित से समझौता किया गया है।










