माता के लिए नहीं फूलन के लिए

रखा है नौ दिन का व्रत, लेकिन माता के लिए नहीं फूलन के लिए

रखा है नौ दिन का व्रत, लेकिन माता के लिए नहीं फूलन के लिए

जौनपुर। यूपी के जौनपुर से एक मामला सामने आया जहां जलालपुर थाना क्षेत्र के एक शख्स ने फूलन देवी के लिए 9 दिन का व्रत रखा है। व्रत के साथ ही युवक ने फुलन देवी की तस्वीर रखकर बाकायदा सुबह-शाम पूजा भी कर रहा है। रामधनी बिंद भारतीय मानव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। रामधनी से जब यह पूछा गया कि यह कहीं एक राजनीतिक स्टंट तो नहीं तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि अगर उन्हें राजनीतिक स्टंट करना होता तो पहले दिन मीडिया वालों को बुलाकर वह ऐसे कार्यक्रम की कवरेज कराते। वो फूलन देवी से जुड़े हुए हर कार्यक्रम को बड़े धूमधाम से कराते हैं। जयंती से लेकर पुण्यतिथि तक के कार्यक्रमों में खुद शामिल होते हैं। फूलन देवी इस बात की मिसाल है कि जीवन में कभी हारना नहीं चाहिए।

जौनपुर में युवक सुबह-शाम करता है पूजा, 9 कन्याओं को कराएंगे भोज | 9 days  fast for Phoolan Devi; : Said - Phoolan Devi had killed 22 Asuras, will  feed 9 girls - Dainik Bhaskar

आपको बतादें कि यह पूरा मामला जौनपुर के रामधनी का बताया गया हैं रामधनी का मामले को कहना है कि वो फूलन देवी को अपनी मां मानते हैं। आगे रामधनी ने बताया कि लोग उन्हें पागल करार दे रहे हैं मगर ये मेरी व्यक्तिगत श्रद्धा है। मगर बतादें कि फूलन देवी की पूजा करना और उनके लिए व्रत रखना काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

समाज में हुआ फूलन देवी का शोषण
बतादें कि जौनपुर मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ओईना बाजार में रामधनी बिंद का घर है। आम श्रद्धालु की तरह रामधनी ने भी इस बार नौ दिन का नवरात्री व्रत रखा है, लेकिन ये व्रत किसी देवी के लिए नहीं रखा था। रामधनी बिंद ने यह व्रत फूलन देवी को समर्पित किया है। रामधनी ने बताया कि फूलन देवी समाज में महान व्यक्तित्व थीं। समाज में फूलन देवी का बहुत शोषण हुआ। संघर्ष के दम पर वो सांसद चुनी गईं थी।

फूलन देवी के लिए रखा 9 दिन का व्रत, युवक सुबह-शाम करता है पूजा

कलयुग की देवी हैं सावित्री बाई फूले 
नौ दिन के व्रत रखने को लेकर रामधनी बिंद कहते हैं कि पुराणों के अनुसार, मां दुर्गा ने राक्षसों का वध किया था। कलयुग में मां फूलन ने भी वही किया। फूलन देवी ने 22 असुरों का वध किया था। रामधनी कहते हैं कि मां फूलन के साथ सावित्री फूले को भी पूजा जाना चाहिए। सावित्री बाई फूले ने वंचितों और शोषितों को उनका अधिकार दिलाया था।

नवरात्री व्रत के बाद कराएंगे कन्या भोज
आपको बतादें कि रामधनी बिंद पूरे धार्मिक रीति-रिवाज से नवरात्री में फूलन देवी को मां मानकर व्रत रख रहे हैं साथ उन्होंने कलश की स्थापना भी की है। रामधनी सभी जाति और धर्म का सम्मान करते हैं। रामधनी कहते हैं कि घर के बाहर मां दुर्गा की प्रतिमा भी है। नवरात्री के व्रत के बाद वह नौ कन्याओं को भोज भी कराएंगे। अष्टमी के दिन नौ कन्याओं को कॉपी और कलम देंगे। इससे कि वह अपने जीवन में पढ़ कर आगे बढ़ सकें। रामधनी कहते हैं कि फूलन संघर्ष का प्रतीक हैं। वो मां दुर्गा से फूलन की तुलना नहीं कर रहे।


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