Cancer By Blood Group: आज के समय में कैंसर के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता काफी बढ़ा दी है। आमतौर पर हम इसके कारणों में धूम्रपान, अस्वस्थ खानपान, प्रदूषण और आनुवंशिक कारणों को जिम्मेदार मानते हैं। लेकिन हालिया मेडिकल रिसर्च के अनुसार, हमारे ब्लड ग्रुप का भी कैंसर के जोखिम से कुछ हद तक संबंध हो सकता है। यानी सिर्फ जीवनशैली ही नहीं, बल्कि शरीर की जैविक बनावट भी इसमें भूमिका निभा सकती है। आइए जानते हैं कि ब्लड टाइप और कैंसर के बीच क्या संबंध है।
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पेट का कैंसर और ब्लड ग्रुप

अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में यह पाया गया है कि गैस्ट्रिक कैंसर यानी पेट के कैंसर का खतरा अलग-अलग ब्लड ग्रुप वाले लोगों में भिन्न हो सकता है। कुछ शोधों के अनुसार, ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में ब्लड ग्रुप O की तुलना में 13 से 19 प्रतिशत ज्यादा खतरा देखा गया। वहीं, ब्लड ग्रुप AB वालों में यह खतरा लगभग 18 प्रतिशत तक पाया गया। गैस्ट्रिक कैंसर पेट की अंदरूनी परत में कोशिकाओं के असामान्य तरीके से बढ़ने के कारण होता है, जो धीरे-धीरे स्वस्थ टिशू को नुकसान पहुंचाता है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जिससे इसका पता अक्सर देर से चलता है।
पैंक्रियाटिक कैंसर और ब्लड टाइप
पैंक्रियाज (अग्न्याशय) के कैंसर में भी ब्लड ग्रुप का संबंध पाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में पैंक्रियाटिक कैंसर का जोखिम 32 प्रतिशत अधिक होता है, जबकि ब्लड ग्रुप AB में यह खतरा 51 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। ब्लड ग्रुप O वालों में कुल कैंसर का जोखिम लगभग 16% कम पाया गया। हालांकि वैज्ञानिक यह स्पष्ट करते हैं कि इसका मतलब यह नहीं कि O ग्रुप वाले व्यक्ति बिल्कुल सुरक्षित हैं या A/AB ग्रुप वाले हर व्यक्ति को कैंसर होगा।
हेलिकोबैक्टर पाइलोरी और ब्लड ग्रुप
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (Helicobacter Pylori) नामक बैक्टीरिया से संक्रमण का खतरा अधिक होता है। यह बैक्टीरिया पेट के कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। वहीं, ब्लड ग्रुप AB में इस बैक्टीरिया की मौजूदगी रिस्क को और बढ़ा सकती है। लेकिन कई मामलों में यह खतरा बैक्टीरिया के बिना भी देखा गया है, यानी ब्लड ग्रुप A अपने आप में कुछ जोखिम बढ़ा सकता है।
केवल ब्लड ग्रुप को जिम्मेदार मानना सही नहीं
डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि ब्लड ग्रुप ही कैंसर का मुख्य कारण नहीं है। कैंसर के जोखिम में सूजन, इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया, सेल-टू-सेल इंटरैक्शन और पेट में एसिड लेवल जैसे कई फैक्टर भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा खराब खानपान, तंबाकू और शराब का सेवन, मोटापा, लंबे समय तक सूजन और पर्यावरणीय प्रदूषण भी महत्वपूर्ण कारण हैं। इसलिए केवल ब्लड ग्रुप के आधार पर डरना सही नहीं है।
कैंसर से बचाव के लिए अपनाएं स्वस्थ आदतें
ब्लड ग्रुप चाहे A, B, AB या O हो, स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव है। इसके लिए संतुलित आहार, ताजे फल और सब्जियां, नियमित व्यायाम, तंबाकू और शराब से दूरी, समय-समय पर हेल्थ चेकअप अपनाना जरूरी है। जागरूकता और सही जानकारी ही कैंसर से बचाव का सबसे मजबूत हथियार हैं।
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