Chennai Cylinder Blast: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के बाहरी इलाके नवल्लूर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ रविवार की सुबह एक भीषण गैस सिलेंडर विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह दुखद हादसा चेन्नई दक्षिण के नवल्लूर स्थित चामुंडीश्वर नगर की तीसरी गली में सुबह करीब 7:40 बजे हुआ। जब लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी एक जोरदार धमाके ने शांति को मातम में बदल दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के घरों में रहने वाले लोग दहशत में बाहर निकल आए।
मासूम जिंदगियों पर काल बनकर टूटा विस्फोट
इस भयावह दुर्घटना में सबसे दुखद पहलू दो मासूम बच्चों की जान जाना रहा। जानकारी के अनुसार, संजय कुमार और सोनिया के दो छोटे बच्चे—डेढ़ वर्षीय धीरन और चार वर्षीय कृतिका—इस धमाके की चपेट में आ गए। विस्फोट इतना तीव्र था कि दोनों मासूमों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। माता-पिता की आंखों के सामने उनके हंसते-खेलते बच्चों का इस तरह चले जाना पूरे मोहल्ले को गमगीन कर गया है। चामुंडीश्वर नगर के निवासियों के लिए यह सुबह किसी बुरे सपने से कम नहीं थी, क्योंकि उन्होंने मलबे के बीच से उन मासूमों के शवों को निकलते देखा।
मलबे में तब्दील हुए आशियाने और मची अफरा-तफरी
नवल्लूर का यह इलाका काफी सघन है, जहाँ घर एक-दूसरे से सटे हुए बने हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिलेंडर फटने के बाद लगी आग और दबाव के कारण तीन मकान आंशिक रूप से ढह गए। विस्फोट की तीव्रता ने कंक्रीट की दीवारों को मलबे में तब्दील कर दिया, जिसमें कई लोग दब गए। स्थानीय निवासियों ने साहस दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व दमकल विभाग को सूचित किया। मौके पर पहुँचे लोग यह देखकर दंग रह गए कि कैसे कुछ ही सेकंडों में तीन हंसते-खेलते परिवार सड़क पर आ गए और उनके घर मलबे का ढेर बन गए।
सात लोग गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में जीवन-मौत की जंग
इस हादसे में केवल जान का ही नुकसान नहीं हुआ, बल्कि सात अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों की पहचान प्रदीप (7), सेल्वी (40), वैरामुथु (45), संजीव कुमार (27), सोनिया (25), मुरुगन (45) और चित्रा (55) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से मलबे के नीचे दबे इन लोगों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तत्काल पास के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। थाझाम्बूर पुलिस स्टेशन की टीम और अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया।
पुलिसिया जांच और सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
घटना की सूचना मिलते ही थाझाम्बूर पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का मानना है कि यह हादसा रसोई गैस (LPG) सिलेंडर के रिसाव और उसके बाद हुए विस्फोट के कारण हुआ है। हालांकि, पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि क्या सिलेंडर में कोई तकनीकी खामी थी या लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। यह घटना एक बार फिर घनी बस्तियों में गैस सुरक्षा मानकों के पालन और जागरूकता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।










