निकाय चुनाव

यूपी में निकाय संग्राम

यूपी में निकाय संग्राम

यूपी नगर निकाय चुनाव 2022  में युवा वोटर बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं. इस बार निकाय चुनाव में 4.25 करोड़ वोटर होंगे, जो पिछली बार से करीब 93 लाख ज्यादा हैं. दरअसल, पार्षद मतदाता सूची में संशोधन का काम पूरा होने के करीब है. राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश, 18 नवंबर को आधिकारिक तौर नई वोटर लिस्ट का प्रकाशन करेगा. इसके बाद ही चुनाव का ऐलान होगा. इस बार 17 नगर निगम चुनाव के जरिये मेयर यानी महापौर चुने जाएंगे. नगर निगमों के अलावा 200 नगर पालिका परिषद और 546 नगर पंचायतों में चेयरमैन और सदस्य भी चुने जाएंगे.

   निकाय चुनाव  वोटर लिस्ट से कट न जाए  नाम, जानें कब से कब तक चलेगा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान​
अपको बता दें कि कोई भी मतदाता www.sec.up.nic.in पर वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव 2017 तीन चरणों में कराया गया था. राज्य निर्वाचन आयोग ने तब पहले चरण का मतदान 22 नवंबर, दूसरे चरण की वोटिंग 26 नवंबर और अंतिम चरण का मतदान 29 नवंबर 2017 को कराया था. वोटों की गिनती एक दिसंबर को हुई थी. तब यूपी में कानपुर, प्रयागराज, अलीगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, झांसी, बरेली, आगरा, मथुरा समेत 16 नगर निगम थे. अबकी बार शाहजहांपुर 17वें नगर निगम के तौर पर जुड़ेगा. नगर निगमों में ईवीएम से और नगर पालिका और नगर पंचायतों में बैलेट पेपर से वोटिंग कराई जाने के आसार हैं.
उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव 2022 की घोषणा नवंबर में किसी भी दिन हो सकती है. भाजपा, (BJP) सपा (SP), कांग्रेस (Congress), बसपा (BSP) आदि दल नगर निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव 2024 का सेमीफाइनल मानकर तैयारियों में जुटे हैं. क्योंकि, केंद्र की सत्ता की चाबी यूपी में मानी जाती है.

 नगर निगम-नगर पालिका चुनाव की नवंबर अंत में घोषणा संभव
माना जा रहा है कि निर्वाचन आयोग नवंबर के आखिरी में नगर निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है. यानी दिसंबर मध्य में चुनाव कराए जा सकते हैं. दरअसल, उत्तर प्रदेश में 5 दिसंबर को विधानसभा उपचुनाव और 8 दिसंबर को मतगणना होनी है. दिल्ली एमसीडी चुनाव 4 दिसंबर को होने हैं. जबकि गुजरात विधानसभा चुनाव 1 और 5 दिसंबर 2022 को होना है. ऐसे में निकाय चुनाव इसके बाद ही होने के आसार हैं. यूपी नगरीय निकाय चुनावों में बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस जैसे बड़े दलों ने अपने इलेक्शन सिंबल पर ही चुनाव लड़ने की तैयारी की है. इसे मिशन 2024 के बीच यूपी में इन दलों के बीच सेमीफाइनल भी माना जा रहा है.

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निर्वाचन प्रक्रिया एक माह चलने के आसार
नगर निकाय चुनाव 2017 में 36289 बूथ और 11389 पोलिंग सेंटर बनाए गए थे.पूरे निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी 32 दिनों में पूरी हुई थी. 22 नवंबर को पहले चरण में 25 जिलों के 5 नगर निगम, 71 नगर पालिका व 154 नगर पंचायत में वोट डाले गए थे. दूसरे चरण में 25 जिलों के 6 नगर निगम, 51 नगर पालिका और 132 नगर पंचायत में मतदान हुआ था. तीसरे चरण में 26 जिलों के 5 नगर निगम, 76 नगर पालिका और 152 नगर पंचायत में मतदान कराया गया था.

निर्वाचन आयोग की तैयारियां जोरों पर
माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग चुनाव के दौरान अति संवेदनशील बूथों की लाइव वेब कास्टिंग कराएगा. नगर निगम चुनाव में यूपी पुलिस से ही कराया जाएगा. केंद्रीय अर्धसैनिक बल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही पुलिस, नगर विकास विभाग और राजस्व में ट्रांसफर-पोस्टिंग और प्रोन्नति पर चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने तक रोक लग जाएगी. निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं हो सकेगा. चुनाव पूरा होने तक DM और SSP के बिना चुनाव आयोग की मंजूरी के जिले के बाहर नहीं जाएंगे.

बीजेपी समेत बड़े दल अपने सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे
राज्य निर्वाचन आयोग में कुल 18 मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल हैं. बीजेपी, कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी, सपा और बसपा ने भी अपने चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतरने का फैसला किया है. 2017 के नगर निकाय चुनाव में 25.9 लाख युवा वोटर बढ़े थे. तब यूपी के 653 नगर निकायों (16 नगर निगम, 199 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायत) में मतदान हुआ था.जबकि निकाय चुनाव के कुल वोटरों में 18 से 35 साल तक के युवाओं की भागीदारी 43.72 प्रतिशत थी. 

60 साल से अधिक उम्र के 3712943 मतदाता चुनाव प्रक्रिया में शामिल थे.
यूपी में निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बरेली में कहा कि हमारी तैयारी पूरी है. हमें बस चुनाव की तारीख की घोषणा.

नगर निकाय की भी सभी सीटें जीतने की रणनीति
भाजपा ने 2024 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव में यूपी की सभी 80 सीटें जीतने लक्ष्य तय किया है। उससे पहले होने जा रहे नगर निकाय चुनाव को लेकर भी पार्टी उतनी ही गंभीर है। चूंकि, इन चुनावों के परिणामों से भी माहौल बनाया जा सकता है, इसे देखते हुए नगर निकाय की भी सभी सीटें जीतने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

मंत्रियों व संगठन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी
सरकार और संगठन के बीच समन्वय पर जोर देने वाली पार्टी ने इन चुनावों के लिए प्रभारी, सह-प्रभारी और संयोजक बनाने में इसका पूरा ध्यान रखा है। नगर निगमों में सफलतापूर्वक चुनाव कराने की जिम्मेदारी सरकार के मंत्रियों के साथ ही संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी सौंपी गई है। कई दिन से चल रहे मंथन के बाद इन नामों पर प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने मुहर लगाई है। इसमें प्रभारी और सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दूसरे जिलों से संबंध रखने वाले नेता संभालेंगे, जबकि संयोजन का दायित्व स्थानीय नेता को दिया गया है।

चुनाव प्रभारी, सह-प्रभारी और चुनाव संयोजक की सूची
पश्चिम क्षेत्र
नगर निगम - चुनाव प्रभारी - सह प्रभारी - चुनाव संयोजक
गाजियाबाद - पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह - विधायक राजीव गुम्बर - प्रदेश सह-संयोजक एनजीओ प्रकोष्ठ संजय कश्यप
मेरठ - प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह - राज्यमंत्री केपी मलिक - पूर्व महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग
सहारनपुर - राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण - विधायक अमित अग्रवाल - महानगर महामंत्री शीतल विश्नोई
मुरादाबाद - विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल - राज्यमंत्री जयवंत सैनी- महानगर मंत्री शम्मी भटनागर
बृज क्षेत्र
मथुरा-वृंदावन- पूर्व मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री- विधायक महेश गुप्ता- बाल आयोग अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा
आगरा- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक- प्रदेश महामंत्री अश्वनी त्यागी- विधायक डा. जीएस धर्मेश
फिरोजाबाद- कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह- एमएलसी गोपाल अंजान- पूर्व विधानसभा संयोजक सत्यवीर गुप्ता
अलीगढ़- कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह- विधायक राजेश चौधरी- जिला प्रभारी सुनील पांडेय
शाहजहांपुर- राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल- विधायक हरीश शाक्य- एमएलसी सुधीर गुप्ता
बरेली- कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी- प्रदेश उपाध्यक्ष सलिल विश्नोई- महानगर महामंत्री अधीर सक्सेना

कानपुर क्षेत्र- कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह- पूर्व विधायक सुरेश तिवारी- पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश शर्माट
झांसी- कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य- पूर्व मंत्री डा. सतीशचंद द्विवेदी- पूर्व जिलाध्यक्ष अरिदमन सिंह गुर्जर

 

अवध क्षेत्र
लखनऊ- कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना- पूर्व मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा- महानगर महामंत्री अंजनी श्रीवास्तव
अयोध्या- कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही- प्रदेश अध्यक्ष भाजयुमो प्रांशुदत्त द्विवेदी- क्षेत्रीय मंत्री कमलेश श्रीवास्तव

प्रयागराज- कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद- राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल- क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अवधेश गुप्ता

काशी क्षेत्र-वाराणसी- उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य- राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव- जिला महामंत्री जगदीश त्रिपाठी

गोरखपुर क्षेत्र- राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण सक्सेना- राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद- प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा चिरंजीव चौरसिया

यूपी नगर निकाय निकाय चुनाव में जीत के लिए समाजवादी पार्टी की तैयारियां जोरो पर

सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव  ने  तीन-तीन विधायकों को हर जिले का प्रभारी बनाया. सपा विधायक रवि दास मल्होत्रा ने बताया कि सभी प्रभारी विधायक अपने-अपने जिलों में जाकर वहां की रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को देंगे.समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निकाय चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं के साथ मंथन किया। उन्होंने प्रत्याशी तय करने के लिए सपा के शहरी क्षेत्रों से जीते विधायकों से कहा है कि वह निकाय चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर काम करें। इन्हें अपने क्षेत्र में वोटर लिस्ट को भी दुरूस्त करवाने का काम करना है।

The big move behind Akhilesh Yadav's alliances with smaller players in  Uttar Pradesh

सपा मुख्यालय में अखिलेश ने मंगलवार को कई घंटे अलग-अलग नेताओं के समूह से मुलाकात कर निकाय चुनाव की तैयारी व उनके क्षेत्र में पार्टी की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। हालांकि अभी निकायों में सीटों का आरक्षण तय होना बाकी है। लेकिन तमाम नेताओं ने टिकट के लिए अपनी दावेदारी भी ठोक दी है। विभिन्न जिलों से आए दावेदारों ने चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा। इस बीच सपा के भंग संगठनों का पुनर्गठन करने की तैयारी है। यह काम निकाय चुनाव से पहले हर हाल में किया जाना है। 

सपा की बैठक में चुनाव आयोग को भेजे जाने वाले जवाब के बाबत भी चर्चा हुई। जिलाध्यक्षों की ओर से भेजे जा रहे दस्तावेजों की अब जांच की जा रही है। सपा ने तीन तारीख तक संबंधित जिलों अध्यक्षों से वोटर लिस्ट से नाम काटे के सुबूत मय शपथ पत्र भेजने को कहा है। इस बाबत सपा के वरिष्ठ विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि मतदाता सूची से जानबूझकर अधिकारियों ने नाम काटे गए थे। हम अगले दो दिनों में सभी सबूतों को समाजवादी पार्टी कार्यालय में जमा करा देंगे। अगर इनमें सच्चाई है तो चुनाव आयोग चुनावों को रद्द करे और लोकसभा के साथ विधानसभा के दोबारा चुनाव कराए।

 बसपा पार्टी इस बार निकाय चुनावों में तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी....इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं...बहुजन समाज पार्टी अब इन चुनावों में युवाओं को उतारने का मन बना रही है. यानी बीएसपी अब यूथ को आधे से ज्यादा टिकट देगी.  इसके लिए पार्टी के अंदर मंथन लगातार जारी है. 

Mayawati's Party BSP Names Candidates For Madhya Pradesh Bypolls
युवाओं को बसपा देगी मौका
पार्टी सूत्रों के अनुसार आधे से ज्यादा टिकट युवाओं को दिए जा सकते हैं. इसे लेकर बूथ स्तर पर बैठकों का सिलसिला पिछले छह महीने से जारी है. पार्टी का सदस्यता अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है. पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार हर सीट पर तीन से चार आवेदन आ चुके हैं. सामाजिक और जातिगत समीकरण देखते हुए प्रत्याशी तय किए जा रहे हैं. इसके साथ ही बूथ स्तर पर फीडबैक भी लिया जा रहा है.

कांग्रेस लड़ेगी अकेले दम पर निकाय चुनाव
यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने अकेले दम पर निकाय चुनाव लड़ने की बात कही है. उन्होंने निकाय चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन की अटकलों को सिरे से नकारते हुए कहा कि पार्टी अपने सिंबल पर वार्डों से लेकर मेयर तक का चुनाव लड़ेगी और जीतेगी भी.सलिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी नगर निकाय चुनाव की बागडोर खुद संभाल ली है.

प्रियंका गांधी ने सभी 6 प्रांतीय अध्यक्ष को अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारी दी है. इन नेताओं से सामाजिक, जातीय समीकरण के साथ ही सर्वजन की भागीदारी का संदेश देने को जिम्मा दिया है. इसके साथ ही हर निकाय में चुनाव समिति, प्रभारी आदि बनाने को कहा है.

Congress | New party president will have an unenviable task ahead

सभी प्रांतीय अध्यक्ष को अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारी दी गई हैं। इसलिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी नगर निकाय चुनाव की बागडोर खुद संभाल ली है. प्रियंका गांधी ने सभी 6 प्रांतीय अध्यक्ष को अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारी दी है. इन नेताओं से सामाजिक, जातीय समीकरण के साथ ही सर्वजन की भागीदारी का संदेश देने को जिम्मा दिया है. इसके साथ ही हर निकाय में चुनाव समिति, प्रभारी आदि बनाने को कहा है.

जिलों से रिपोर्ट तैयार करेंगे प्रांतीय अध्यक्ष
सभी प्रांतीय अध्यक्ष को जिलों का आवंटन कर दिया है. यह अपने अपने जिलों से रिपोर्ट तैयार करेंगे. इसके बाद राष्ट्रीय महासचिव मीटिंग कर दिशा निर्देश देंगी. उनका सभी 17 नगर निगम के साथ ही नगर पालिका और नगर पंचायतों में भी जीत पर फोकस है. वह नगर निगम के मेयर प्रत्याशियों के साथ ही अन्य प्रत्याशियों के नाम पर भी चर्चा करेंगी.

नगर निकाय चुनाव से पहले यूपी को 6 हिस्सों में बांटा
कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव से पहले यूपी को शो में बांट दिया है. सभी छह प्रांतीय अध्यक्ष को अलग-अलग जिले आवंटित किए गए हैं. यह सभी अपने-अपने जिलों में रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रीय महासचिव को सौंपेंगे. सभी अपने अपने जिलों के दौरे करने लगे हैं.

अधिक से अधिक निकाय जीतने की कोशिश
राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी निकाय चुनाव में नगर निगम के साथ ही नगरपालिका और नगर पंचायतों के प्रत्याशियों पर भी मंथन करेंगी. उनकी कोशिश निकाय चुनाव में कांग्रेस को अधिक से अधिक सीट जिताने की है. इसके लिए रणनीति बनाई गई है

 


 


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