CJP Protest: जंतर-मंतर पर CJP का बड़ा प्रदर्शन, आंदोलन में शामिल हुए सोनम वांगचुक

नीट विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ प्रदर्शन अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आंदोलन को लगातार नए समर्थकों का साथ मिल रहा है। सोनम वांगचुक की एंट्री और विपक्षी नेताओं के समर्थन ने इस विरोध को नई दिशा दे दी है। जानिए पूरी कहानी।

जंतर-मंतर पर CJP का बड़ा प्रदर्शन

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 6, 2026

CJP Protest: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर उठे विवाद के बीच राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना और प्रदर्शन शुरू किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

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आंदोलन की कमान संभालने दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और प्रमुख अभिजीत दीपके इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वे विशेष रूप से अमेरिका से दिल्ली पहुंचे हैं ताकि इस प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर एकत्रित होकर अपनी मांगों को बुलंद कर रहे हैं।

सोनम वांगचुक ने आंदोलन को दिया समर्थन

इस प्रदर्शन को उस समय और अधिक चर्चा मिली जब प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इसमें शामिल हुए। वांगचुक लंबे समय से शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके आंदोलन में शामिल होने से प्रदर्शनकारियों का मनोबल बढ़ा है और इस मुद्दे को व्यापक जनसमर्थन मिलने की संभावना भी बढ़ गई है।

छात्रों की मांगों को मिल रहा व्यापक समर्थन

नीट परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच असंतोष देखने को मिल रहा है। ऐसे में जंतर-मंतर पर हो रहा यह प्रदर्शन केवल एक संगठन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे विभिन्न सामाजिक समूहों और जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिलने लगा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

विपक्षी नेताओं का भी मिलने लगा साथ

छात्रों के इस आंदोलन को अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। विभिन्न विपक्षी दलों के नेता इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं और छात्रों की मांगों को उचित ठहरा रहे हैं। इससे आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है और यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बनता जा रहा है।

सागरिका घोष ने जताया खुला समर्थन

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष ने भी इस प्रदर्शन का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर आंदोलनकारियों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने अपने संदेश में प्रदर्शनकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाते रहें।

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राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना आंदोलन

जंतर-मंतर पर चल रहा यह प्रदर्शन अब केवल परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी सामने ला रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर छात्रों, अभिभावकों और राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।