DU Assistant Professor Murder: पूर्वी दिल्ली के अशोक नगर थाना अंतर्गत वसुंधरा एनक्लेव स्थित ‘सत्यम एनक्लेव’ से एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की 42 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर डा. देबोस्मिता पॉल की उनके फ्लैट के भीतर हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि हत्यारे ने उनके सिर पर किसी भारी चीज से वार किया है। मृतक महिला अंग्रेजी विभाग में कार्यरत थीं।
बेंगलुरु से अलग दिल्ली में रह रही थी असिस्टेंट प्रोफेसर
पुलिस के अनुसार, डा. देबोस्मिता अपने पति से अलग रह रही थी। उनके पति बेंगलुरु में कार्यरत हैं, जबकि वह स्वयं दिल्ली में रहकर शिवाजी कॉलेज में अध्यापन का कार्य करती थीं। इस घटना के सामने आने के बाद शैक्षणिक जगत और स्थानीय निवासियों में शोक और दहशत का माहौल है।
लूटपाट की संभावना से पुलिस ने किया इनकार
पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना करने के बाद बताया कि घर में नकदी और गहने सुरक्षित पाए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि हत्या का उद्देश्य लूटपाट नहीं था। हालांकि, पीड़िता के सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं और उनके हाथ की नस भी कटी हुई मिली है, जो हत्या की बर्बरता को दर्शाता है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। फिलहाल पुलिस के पास कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
AAP विधायक ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े करते हुए कहा कि आज सुरक्षित समझे जाने वाले महंगे अपार्टमेंट में भी हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के मन में पुलिस और कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर BJP को घेरा
भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए विधायक ने कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर होती जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि अपराध की बढ़ती घटनाओं के लिए मौजूदा प्रशासनिक तंत्र जिम्मेदार है। उन्होंने सवाल किया कि क्या दिल्ली पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल हो रही है? इस हत्याकांड के बाद दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की चौकसी पर एक बार फिर बड़े प्रश्नचिह्न लग गए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की गहन तफ्तीश में जुटी है।








