UP News: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके के हौज रानी में स्थित ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पांच मंजिला संकरी इमारत में लगी आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं और आग की चपेट में आ गई। घटना के समय अधिकांश लोग सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों के अथक प्रयासों के बावजूद, इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस त्रासदी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे ‘हृदय विदारक’ बताया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त फरमान
बताते चले कि, दिल्ली की इस अग्नि दुर्घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सीएम ने योगी ने सभी विकास प्राधिकरणों, पुलिस, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे राज्य की सभी ऊंची इमारतों, कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों का गहन सुरक्षा निरीक्षण (Safety Inspection) करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रत्येक होटल की विस्तृत फायर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जाए और सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लखनऊ में फायर विभाग का सघन चेकिंग अभियान
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, लखनऊ में दमकल विभाग ने होटलों और सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए अभियान शुरू कर दिया है। गुरुवार को लखनऊ के ‘जेमिनी कॉन्टिनेंटल’ होटल सहित शहर के कई अन्य प्रतिष्ठानों में फायर अधिकारियों ने चेकिंग की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अंकुश मित्तल ने बताया कि सभी 9 फायर स्टेशनों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन जांच करने का आदेश दिया गया है। जांच के दौरान जहां कहीं भी अग्निशमन प्रणालियों में कमियां पाई जा रही हैं, वहां संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।
सुरक्षा मानकों के प्रति प्रशासन सख्त
अग्निशमन विभाग का कहना है कि सुरक्षा मानकों के पालन में कोई भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है, इसलिए विभाग अब शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहा है। कई होटलों में प्रारंभिक जांच के दौरान पानी की निकासी या अग्नि सुरक्षा उपकरणों में कमी पाई गई है, जिन्हें एक दिन के भीतर ठीक करने का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता नहीं किया गया, तो संस्थानों के खिलाफ न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उन्हें सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी।










