पंजाब के नए DGP पर मंथन तेज, 14 IPS अधिकारियों में से चुने जाएंगे 3 नाम

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस को जल्द ही स्थायी मुखिया मिलने की संभावना बढ़ गई है। राज्य में नियमित डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच गई है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 30 जून को एंपैनलमेंट कमेटी की बैठक बुलाई है, जिसमें पंजाब कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसके बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार इन तीन नामों में से एक अधिकारी को राज्य का नियमित डीजीपी नियुक्त करेगी। पंजाब में चार साल से कार्यवाहक डीजीपी यह नियुक्ति राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा

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Published On :

जून 20, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब पुलिस को जल्द ही स्थायी मुखिया मिलने की संभावना बढ़ गई है। राज्य में नियमित डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच गई है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 30 जून को एंपैनलमेंट कमेटी की बैठक बुलाई है, जिसमें पंजाब कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसके बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार इन तीन नामों में से एक अधिकारी को राज्य का नियमित डीजीपी नियुक्त करेगी।

पंजाब में चार साल से कार्यवाहक डीजीपी
यह नियुक्ति राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पंजाब में पिछले लगभग चार वर्षों से पुलिस महकमा कार्यवाहक डीजीपी के नेतृत्व में चल रहा है। जुलाई 2022 में गौरव यादव को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था। तब से लेकर अब तक राज्य में नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं हो सकी। ऐसे में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले स्थायी डीजीपी की नियुक्ति कानून-व्यवस्था और चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

नियमित डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद इस प्रक्रिया ने गति पकड़ी। शीर्ष अदालत ने 5 फरवरी को सुनवाई के दौरान कई राज्यों पर नाराजगी जताई थी, जहां लंबे समय तक कार्यवाहक डीजीपी के भरोसे पुलिस प्रशासन चलाया जा रहा था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि प्रकाश सिंह पुलिस सुधार मामले में तय दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है और डीजीपी नियुक्ति यूपीएससी की प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्यों में “एक्टिंग डीजीपी” व्यवस्था स्थायी विकल्प नहीं हो सकती।

यूपीएससी ने 18 फरवरी को मांगी पात्र अफसरों की लिस्ट
इसी आदेश के बाद यूपीएससी ने 18 फरवरी को पंजाब सरकार से पात्र अधिकारियों की सूची मांगी थी। पंजाब सरकार ने 6 अप्रैल को 14 योग्य आईपीएस अधिकारियों की सूची आयोग को भेजी। इनमें 1992 बैच के चार वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। इस बैच में शरद सत्य चौहान सबसे वरिष्ठ हैं। उनके बाद हरप्रीत सिंह सिद्धू, कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव और कुलदीप सिंह का नाम आता है।

इसके अलावा 1993 बैच के तीन तथा 1994 बैच के सात अधिकारियों को भी पात्र सूची में शामिल किया गया है। सूत्रों के अनुसार यूपीएससी ने पैनल बैठक से पहले कुछ अधिकारियों से जुड़े लंबित मामलों पर पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। शरद सत्य चौहान के खिलाफ लंबित मामलों की स्थिति तथा कुलदीप सिंह की 23 फरवरी से 16 अक्टूबर तक की हाफ-पे लीव को लेकर आयोग ने जानकारी मांगी थी। राज्य सरकार द्वारा आवश्यक दस्तावेज और स्पष्टीकरण सौंपने के बाद अब चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है।

कमेटी में ये लोग रहेंगे शामिल
यूपीएससी की एंपैनलमेंट कमेटी में आयोग के चेयरमैन, केंद्रीय गृह सचिव या उनके नामित वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय पुलिस संगठन का प्रमुख तथा पंजाब के मुख्य सचिव और मौजूदा डीजीपी शामिल रहेंगे। यह कमेटी अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता, उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और विजिलेंस स्थिति का मूल्यांकन कर तीन नामों का पैनल तैयार करेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पैनल तैयार होने के बाद अंतिम फैसला पंजाब सरकार के हाथ में होगा। यानी आप सरकार को तीन नामों में से अपने पसंद के अधिकारी को डीजीपी नियुक्त करने का अधिकार रहेगा। नियमित डीजीपी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कम से कम दो वर्ष का कार्यकाल मिलेगा, चाहे इस दौरान सेवानिवृत्ति की तारीख क्यों न आए। अब पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सबकी नजर 30 जून की बैठक पर टिकी है।

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