Dinesh Lal Yadav: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानों का महा-ब्लास्ट हुआ है। भोजपुरी सिनेमा के जुबली स्टार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के फायरब्रांड नेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने आज़मगढ़ में आतंकी गतिविधियों के भंडाफोड़ के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा और आक्रामक प्रहार किया है। आजमगढ़ से लोकसभा सांसद रह चुके निरहुआ ने एक ताजा वीडियो जारी कर सीधे आरोप लगाया है कि सपा के मजबूत होते ही आतंकियों और जिहादियों को ‘खुराक’ मिलनी शुरू हो जाती है। निरहुआ ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए साफ लहजे में चेतावनी दी कि कोई इस मुगालते में न रहे, क्योंकि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है, जो मई-जून की गर्मी को भी शिमला बनाना अच्छे से जानती है। इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है।
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“सपा की मजबूती ही जिहाद की नर्सरी है”
दिनेश लाल यादव निरहुआ ने अपने वीडियो की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में ‘जय हो आजमगढ़’ कहते हुए की और जिले के उस काले इतिहास को खंगाला जिससे इलाके के लोग कभी खौफ में रहते थे।
निरहुआ ने आज़मगढ़ से गिरफ्तार हुए आईएसआई (ISI) के एजेंट को लेकर सपा पर क्या गंभीर आरोप लगाए हैं, वो हम आपको आगे बताएंगे… लेकिन उससे पहले यह जान लीजिए कि निरहुआ ने सपा की जीत को किससे जोड़ा है? निरहुआ ने कहा कि आज़मगढ़ का संजरपुर इलाका आतंक के लिए पहले से ही कुख्यात रहा है। इसी इलाके से यूपी एटीएस (UP ATS) ने आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स से संबंध रखने वाले मोहम्मद शेख नाम के युवक को दबोचा है, जो पूरी तरह जिहादी मानसिकता से ग्रस्त था।
निरहुआ ने तथ्यों का हवाला देते हुए सीधा वार किया कि जब-जब आज़मगढ़ में समाजवादी पार्टी मजबूत स्थिति में रही है, तब-तब इस जिहादी मानसिकता को खाद-पानी मिला है। सपा के राज में आतंकवादी और गैंगस्टर खूब पनपे। लेकिन जब यहां की जनता ने सपा को धूल चटाई और बीजेपी जीती, तो इन जिहादियों की खुराक बंद हो गई थी और सब शांत बैठ गए थे। निरहुआ ने कहा कि लोकसभा चुनाव में जैसे ही आज़मगढ़ में सपा को दोबारा जीत मिली, संजरपुर में बैठी जिहादी मानसिकता ने एक बार फिर जोर मारना शुरू कर दिया है।
योगी सरकार की हनक
पूर्व सांसद ने यूपी एटीएस की मुस्तैदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोहम्मद शेख की गिरफ्तारी से साफ है कि सपा की शह पर यहां आतंक की नर्सरी को फिर से हरा-भरा करने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि राज्य की कमान किसके हाथ में है।
निरहुआ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘गर्मी शांत करने’ वाले मशहूर अंदाज को दोहराते हुए कहा, “जिहादी मानसिकता रखने वाले और देश विरोधी ताकतों को एक बात अच्छे से अपनी गांठ में बांध लेनी चाहिए कि उत्तर प्रदेश में अभी बाबा की सरकार है। और बाबा का रिकॉर्ड है कि वो अच्छे-अच्छों की मई-जून की तपती गर्मी को भी तुरंत शिमला में तब्दील कर देते हैं।” उनके इस कड़े बयान से साफ है कि यूपी में अपराधियों और देशद्रोहियों के खिलाफ योगी सरकार का बुलडोजर एक्शन और कड़ा रुख जारी रहने वाला है।
क्या था आज़मगढ़ का पूरा मामला?
इस पूरे सियासी बवाल की जड़ में यूपी एटीएस की वो बड़ी कामयाबी है, जिसमें आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव के रहने वाले मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि मोहम्मद शेख का सीधा कनेक्शन पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से था। वह भारत में एक बड़ा आतंकी नेटवर्क तैयार कर किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में था, जिसे एटीएस ने वक्त रहते नाकाम कर दिया।
निरहुआ से पहले योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने भी देश विरोधी ताकतों के खिलाफ यूपी एटीएस की इस कड़क कार्रवाई की जमकर सराहना की थी। राजभर ने साफ कहा था कि जो लोग भी देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और ऐसे तत्वों पर सबसे सख्त कानूनी एक्शन होना चाहिए।
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