ECI West Bengal SIR: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए एक कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप में सात सरकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ममता सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
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SIR में अनियमितता और अधिकारियों पर गाज
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि निलंबित किए गए अधिकारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। आयोग के अनुसार, इन अधिकारियों पर कर्तव्य में लापरवाही, गंभीर कदाचार और कानूनी शक्तियों के दुरुपयोग के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
सस्पेंड किए गए अधिकारियों में समसेरगंज, फरक्का, मयनागुड़ी, सुती, कैनिंग पुरबो और डेबरा जैसे महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों के असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) और ब्लॉक-लेवल ऑफिसर शामिल हैं। आयोग का मानना है कि इन अधिकारियों की लापरवाही से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न हुई है।
बीजेपी नेता दिलीप घोष का कड़ा प्रहार
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने कहा कि यह कदम पोल बॉडी की सतर्कता को दर्शाता है। घोष ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी जानबूझकर प्रक्रिया में देरी कर रहे थे और इसे कठिन बना रहे थे ताकि निष्पक्षता प्रभावित हो सके।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “जांच में यह साफ हो गया है कि कमियां अधिकारियों के कामकाज में थीं। अब समय आ गया है कि इस पूरे खेल के पीछे का सच सामने आए और जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दी जाए।” घोष के अनुसार, अधिकारियों का यह व्यवहार लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाला है।
बिहार के मंत्री मंगल पांडे का आरोप
पश्चिम बंगाल के इस घटनाक्रम पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी नेता मंगल पांडे ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में प्रशासनिक अधिकारी चुनाव आयोग के निर्देशों के बजाय सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के इशारों पर काम कर रहे हैं।
पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो खुद को ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का सिपाही समझते हैं। जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए चुनाव का निष्पक्ष और पारदर्शी होना अनिवार्य है।” उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में अधिकारियों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि जनता की नजर हर गतिविधि पर है।
निलंबित अधिकारियों की सूची और उनके कार्यक्षेत्र
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार, निलंबित किए गए अधिकारियों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
अधिकारी का नाम पद और विभाग संबंधित विधानसभा क्षेत्र
- डॉ. सेफौर रहमान सहायक निदेशक (कृषि) एवं AERO 56-समसेरगंज
- नीतीश दास राजस्व अधिकारी एवं AERO 55-फरक्का
- दालिया रे चौधरी महिला विकास अधिकारी एवं AERO 16-मयनागुरी
- एसके मुर्शिद आलम ADA एवं AERO 57-सुती
- सत्यजीत दास संयुक्त BDO एवं AERO 139-कैनिंग पुरबो
- जॉयदीप कुंडू FEO एवं AERO 139-कैनिंग पुरबो
- देबाशीष बिस्वास संयुक्त BDO एवं AERO 229-डेबरा
यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि आगामी चुनावों से पहले चुनाव आयोग किसी भी स्तर पर प्रशासनिक ढिलाई या राजनीतिक प्रभाव को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
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