Eid-ul-Fitr 2026: ईद की तारीख भारत में कंफर्म, जानिए ईद-उल-फितर के आयोजन का तरीका

 नई दिल्ली Eid-ul-Fitr 2026: ईद उल फितर इस्लाम धर्म का बहुत ही पवित्र और खुशियों वाला त्योहार है, जो रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद मनाया जाता है. यह त्योहार नए चांद (शव्वाल महीने की शुरुआत) के दिखने पर मनाया जाता है. ईद का मतलब होता है 'खुशी' और 'उल-फितर' का मतलब है 'रोजा खोलना'. यानी यह त्योहार रोजों के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है. इस दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें रोजे रखने की ताकत दी। इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर में दो बड़ी ईद मनाई जाती हैं. पहली ईद-उल-फितर, जो

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Published On :

मार्च 20, 2026

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 नई दिल्ली

Eid-ul-Fitr 2026: ईद उल फितर इस्लाम धर्म का बहुत ही पवित्र और खुशियों वाला त्योहार है, जो रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद मनाया जाता है. यह त्योहार नए चांद (शव्वाल महीने की शुरुआत) के दिखने पर मनाया जाता है. ईद का मतलब होता है 'खुशी' और 'उल-फितर' का मतलब है 'रोजा खोलना'. यानी यह त्योहार रोजों के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है. इस दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें रोजे रखने की ताकत दी।

इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर में दो बड़ी ईद मनाई जाती हैं. पहली ईद-उल-फितर, जो रमजान के अंत में आती है. दूसरी ईद-उल-अजहा होती है, जो इस्लामी साल के आखिरी महीने जिलहिज्जा की 10, 11 और 12 तारीख को मनाई जाती है. तो आइए अब जानते हैं कि ईद-उल-फितर भारत में कब मनाई जाएगी और कैसे मनाई जाएगी।

भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर?

इस्लाम जानकारों के मुताबिक, वैसे तो ईद 20 मार्च को मनाई जानी चाहिए थी. लेकिन, 19 मार्च को शव्वाल का चांद ना दिखने के कारण अब 21 मार्च, शनिवार को भारत में ईद का त्योहार मनाया जाएगा. वहीं, सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जा रही है. 

कितने दिनों तक मनाई जाती है ईद-उल-फितर?
ईद-उल-फितर आमतौर पर एक दिन का त्योहार होता है. इस्लामी कैलेंडर हिजरी के अनुसार, ईद-उल-फितर शव्वाल महीने के पहले दिन मनाई जाती है. इस दिन ईद की नमाज अदा की जाती है. हालांकि, कई मुस्लिम देशों में ईद का जश्न 2 से 3 दिनों तक चलता है. इन दिनों में छुट्टी रहती है, लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं और रोजे खत्म होने का जश्न मनाते हैं. ईद-उल-फितर, ईद-उल-अजहा से अलग होती है, क्योंकि ईद-उल-अजहा तीन दिन तक मनाई जाती है.

ईद-उल-फितर पर क्या करें?
ईद की नमाज प
ढ़ें- हर मुसलमान को चाहिए कि वह मस्जिद या ईदगाह में जाकर मिलकर ईद की नमाज अदा करें और अल्लाह का शुक्रिया करें.

आने-जाने का रास्ता बदलें– सुन्नत के अनुसार, ईद की नमाज के लिए जाते समय और वापस आते समय अलग-अलग रास्ता अपनाना अच्छा माना जाता है.

साफ सुथरे और नए कपड़े पहनें- इस दिन साफ-सुथरे होकर, अच्छे कपड़े पहनकर ही नमाज के लिए जाना चाहिए.

तोहफे और मुबारकबाद दें– ईद उल फितर के दिन अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को ईद मुबारक' कहें और गले लगाकर एक दूसरे के साथ खुशियां बांटें.

दुआ और इबादत करें– इस दिन अल्लाह से दुआ करें और ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, क्योंकि यह दिन खास बरकत वाला होता है.

ईद-उल-फितर के पीछे की कहानी
ईद-उल-फितर की शुरुआत पैगंबर हजरत मुहम्मद ने 624 ईस्वी में मदीना में की थी. यह हिजरत के बाद दूसरा साल था, जब मुसलमानों ने पहला रमजान पूरा किया था. जब वे मदीना पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लोग दो खास दिनों पर जश्न मनाते हैं. इसके बाद उन्होंने बताया कि मुसलमानों के लिए दो ईद होंगी- ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा. 

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