Israel Lebanon War : ट्रंप की फटकार के बाद झुके बेंजामिन नेतन्याहू, लेबनान से वापस बुलाए इजरायली सैनिक

फुटबॉल प्रेमियों के लिए आखिरकार वो ऐतिहासिक तारीख आ गई है, जिसका सदियों से इंतजार था। 11 जून से शुरू होने जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 48 टीमें और 104 मैच मिलकर ऐसा रोमांच पैदा करेंगे, जो पहले कभी नहीं देखा गया। आखिर कौन सा देश रचेगा नया इतिहास?

Israel Lebanon War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 2, 2026

Israel Lebanon War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फोन कॉल पर कथित तौर पर ‘फटकार’ लगाए जाने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लेबनान संकट को लेकर सुर अचानक नरम पड़ गए हैं। वाशिंगटन से मिले कड़े संदेश के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू को लेबनान के खिलाफ जारी सैन्य हमलों को तुरंत रोकने के लिए राजी कर लिया। इस कूटनीतिक दबाव का असर यह हुआ कि इजरायल ने बेरूत की सीमा से अपने सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा कर दुनिया को इस बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी दी है।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का एलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (1 जून) की शाम को ट्रुथ सोशल पर घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बेरूत पर एक और बड़ा हमला करने से रोक दिया है। ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री को उनके बेहद लोकप्रिय निकनेम से संबोधित करते हुए लिखा, “आज (सोमवार) मेरी बीबी नेतन्याहू से लंबी बातचीत हुई। मैंने उनसे लेबनान की राजधानी बेरूत पर बड़ा सैन्य हमला न करने की अपील की थी। मेरी इस बात को स्वीकार करते हुए उन्होंने अपने अग्रिम सैनिकों को वापस बुला लिया है। इसके लिए बीबी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।”

दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई तीखी बहस

भले ही सोशल मीडिया पर ट्रंप का लहजा थोड़ा सामान्य दिख रहा हो, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों वैश्विक नेताओं के बीच फोन पर हुई यह बातचीत बेहद ‘गरमागरम’ और तल्ख रही। ‘एक्सियोस’ (Axios) की एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान पर इजरायल के लगातार बढ़ते और आक्रामक हमलों से नाराज डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को नेतन्याहू को फोन कर जमकर फटकार लगाई। बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू के युद्ध आक्रामक रवैये पर भारी नाराजगी जताते हुए उन्हें यहां तक कह दिया, “अगर मैंने सही समय पर दखल न दिया होता और तुम्हारा साथ न दिया होता, तो आज तुम जेल की सलाखों के पीछे होते।”

इंटरनेशनल इमेज का दिया हवाला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल की अंतरराष्ट्रीय छवि और गिरते कूटनीतिक ग्राफ को लेकर नेतन्याहू को आड़े हाथों लिया। ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा, “मैं हर मोर्चे पर तुम्हारी राजनीतिक और व्यक्तिगत जान बचा रहा हूँ, लेकिन तुम्हारे फैसलों की वजह से आज वैश्विक स्तर पर हर कोई तुमसे नफरत करने लगा है। इतना ही नहीं, इस अंधाधुंध सैन्य कार्रवाई के कारण अब दुनिया भर के लोग इजराइल से भी नफरत करने लगे हैं।” ट्रंप की इस बेहद कड़ी और अप्रत्याशित डांट के बाद ही इजरायली रक्षा मंत्रालय को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा।

ईरान की धमकी

यह पूरा हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम और अमेरिकी दखलअंदाजी तब देखने को मिली, जब ईरान ने लेबनान पर इजरायल की बढ़ती सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका के साथ चल रही शांति समझौते की बातचीत को बीच में ही छोड़ने की खुली धमकी दे दी थी। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट में साफ कहा था कि तेहरान की मुख्य बातचीत करने वाली राजनयिक टीम लेबनान पर हो रहे हमलों के विरोध में अमेरिका के साथ मध्यस्थों (मीडिएटर) के जरिए होने वाले संदेशों के लेन-देन को तत्काल प्रभाव से रोक रही है। हालांकि, इन तमाम अड़चनों और धमकियों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने आश्वस्त किया है कि अमेरिका के प्रयास जारी हैं और शांति वार्ता को टूटने नहीं दिया जाएगा।

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