सोने-चांदी के दामों में दूसरी दिन गिरावट, महंगाई और युद्ध की छाया, क्या वजह है इस गिरावट की?

इंदौर  अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। वहीं, मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इन दोनों वजहों ने मिलकर सोने (Gold) की कीमतों पर दबाव बनाया है। सुबह 9:15 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोना अप्रैल वायदा 0.10% गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। उस समय एमसीएक्स चांदी मई वायदा 0.57% गिरकर ₹2,66,969 प्रति किलोग्राम पर थी। दूसरी ओर ब्लूमबर्ग के मुताबिक सिंगापुर में सुबह 8:05 बजे सोने की कीमत (स्पॉट गोल्ड) 0.9% गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस पर

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Published On :

मार्च 12, 2026

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इंदौर 

अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। वहीं, मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इन दोनों वजहों ने मिलकर सोने (Gold) की कीमतों पर दबाव बनाया है। सुबह 9:15 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोना अप्रैल वायदा 0.10% गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। उस समय एमसीएक्स चांदी मई वायदा 0.57% गिरकर ₹2,66,969 प्रति किलोग्राम पर थी।

दूसरी ओर ब्लूमबर्ग के मुताबिक सिंगापुर में सुबह 8:05 बजे सोने की कीमत (स्पॉट गोल्ड) 0.9% गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं, चांदी 1.5% गिरकर 84.44 डॉलर पर आ गई। दूसरी ओर, प्लैटिनम में 1% और पैलेडियम में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स भी 0.2% की मजबूती के साथ बढ़त पर रहा।
महंगाई और मजबूत डॉलर ने बढ़ाई सोने की मुश्किलें

हालांकि, साल की शुरुआत में अमेरिका का मुख्य महंगाई आंकड़ा नियंत्रित दिख रहा था, लेकिन अब भविष्य को लेकर बढ़ती महंगाई की आशंकाओं ने फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती की संभावना को कम कर दिया है। इस उम्मीद से डॉलर को मजबूती मिली है और डॉलर इंडेक्स में 0.3% की बढ़त देखी गई। वहीं, यूरोपीय यूनियन ने भी आगाह किया है कि इस साल उसकी महंगाई दर 3% के पार जा सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता और गहरा गई है।
क्या सोने की रैली ने लिया है अस्थायी ब्रेक?

ब्लूमबर्ग ने मेलबर्न की वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन के हवाले से बताया है कि सोने का यह गिरना 'हार मानने' की तरह नहीं, बल्कि एक 'ठहराव' की तरह लग रहा है। उनका कहना है, "बढ़ती महंगाई की उम्मीदों ने डॉलर को फिर से मजबूत किया है और निकट भविष्य में फेड द्वारा दरों में कटौती की संभावनाओं को टाल दिया है। ऐसे में निवेशकों ने फिलहाल सोने से किनारा कर लिया है, क्योंकि बाजार एक समय में सिर्फ एक ही सुरक्षित निवेश को जगह दे सकता है।"
सोना: सुरक्षित निवेश की चमक बरकरार, लेकिन राह आसान नहीं

सोने के लिए ब्याज दरों का बढ़ना एक बाधा है, क्योंकि यह खुद कोई ब्याज नहीं देता। इसके अलावा, निवेशक जरूरत पड़ने पर अपने पोर्टफोलियो के दूसरे हिस्सों को मजबूत करने के लिए सोने को नकदी में बदल लेते हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में सोने की मात्रा में गिरावट आई है। हालांकि, पिछले हफ्ते दो साल से ज्यादा की सबसे बड़ी गिरावट के बाद, मंगलवार को इसमें कुछ निवेश दर्ज किया गया।
सुरक्षित निवेश का यह दौर खत्म नहीं हुआ है

इस साल सोने की कीमतों में अब तक करीब 20% की बढ़ोतरी हुई है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल के समय एक सुरक्षित निवेश होने के कारण इसे लगातार समर्थन मिल रहा है। हालांकि, 24 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से इसका कारोबार काफी अस्थिर रहा है और ऊपर जाने की रफ्तार थम गई है। चेन का कहना है, "सुरक्षित निवेश का यह दौर खत्म नहीं हुआ है। यह बस सांस ले रहा है।"

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