Gold-Silver Rate Today: वैश्विक दबाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण भारतीय वायदा बाजार (MCX) में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। निवेशक अब आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
Gold Price Today: सोना हुआ महंगा, चांदी में आई गिरावट; देखें आज का गोल्ड रेट
सोने की कीमतों में गिरावट
बताते चले कि, गुरुवार, 12 फरवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में कमजोरी देखी गई। अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने का भाव 0.47% की गिरावट के साथ ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह ₹1,58,755 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सोने ने ₹1,57,701 का निचला स्तर भी छुआ। वर्तमान में, पीली धातु लगभग ₹676 की कमी के साथ ₹1,58,079 के स्तर पर ट्रेड कर रही है।
चांदी के भाव में कमजोरी
आपको बता दे कि, चांदी की कीमतों में भी आज बिकवाली का दबाव हावी रहा। MCX पर मार्च कॉन्ट्रैक्ट की चांदी ₹1,657 की गिरावट के साथ ₹2,61,361 प्रति किलोग्राम पर खुली। दिन के कारोबार में इसने ₹2,60,453 का निचला स्तर देखा। पिछले बंद भाव ₹2,63,018 के मुकाबले चांदी इस समय 0.74% या ₹1,950 गिरकर ₹2,61,068 पर कारोबार कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है। स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) 0.4% गिरकर $5,058.64 प्रति औंस पर आ गया है। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.3% की गिरावट के साथ $5,080 पर बंद हुए। चांदी की बात करें तो स्पॉट सिल्वर 1.4% टूटकर $82.87 प्रति औंस पर कारोबार कर रही है, जो पिछले सत्र की 4% की बढ़त के बाद एक बड़ा करेक्शन है।
डॉलर इंडेक्स की मजबूती का असर
कीमतों में इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती और जनवरी के बेहतर रोजगार आंकड़े हैं। मजबूत डॉलर के कारण विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है। इसके अलावा, बेहतर आर्थिक आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावनाओं को कम कर दिया है, जिससे बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ गया है।
निवेशकों की नजर US इन्फ्लेशन डेटा पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की अगली दिशा शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति (Inflation) आंकड़ों से तय होगी। यह डेटा फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति (Monetary Policy) के लिए महत्वपूर्ण संकेत देगा। फिलहाल, डॉलर की रैली और मजबूत लेबर मार्केट के कारण कीमती धातुओं में गिरावट का रुझान जारी रहने की संभावना है।









