Kerosene Oil: दिल्ली, यूपी समेत 21 राज्यों में केरोसीन की वापसी, जानिए किसे और कैसे मिलेगा फायदा?

वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के चलते उपजे ऊर्जा और एलपीजी संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अब राशन की दुकानों और चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसीन (मिट्टी का तेल) फिर से मिलेगा। यह आपातकालीन योजना फिलहाल 60 दिनों के लिए लागू की गई है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 31, 2026

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Kerosene Oil: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भीषण तनाव के बीच पूरी दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बेहद गहरी हो गई हैं। भारत में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। इस गंभीर वैश्विक एनर्जी क्राइसिस के बीच केंद्र सरकार ने देश की आम जनता को बहुत बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। सरकार ने सोमवार को यह ऐतिहासिक फैसला लिया कि देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब राशन की दुकानों (PDS) और कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसीन (मिट्टी का तेल) की बिक्री दोबारा शुरू की जाएगी। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) की सप्लाई चेन में आई भारी रुकावटों को देखते हुए उठाया गया है ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के चूल्हे जलते रहें।

केरोसीन-फ्री घोषित हो चुके राज्यों में भी होगी इमरजेंसी सप्लाई

बताते चले कि, पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, जिन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दोबारा मिट्टी का तेल बेचने की अनुमति दी गई है, उनमें कई ऐसे राज्य भी शामिल हैं जिन्हें पहले ‘केरोसीन मुक्त’ घोषित कर दिया गया था। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, सिक्किम और नागालैंड जैसे 13 प्रमुख राज्य शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और दादरा एवं नगर हवेली और दमन व दीव जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी अब जनता को सुलभता से केरोसीन मिल सकेगा।

60 दिनों का आपातकालीन प्लान

केंद्र सरकार ने इस आपातकालीन योजना को फिलहाल 60 दिनों के लिए लागू किया है। इसके तहत पात्र उपभोक्ताओं को राशन की सरकारी दुकानों पर बेहद किफायती और उचित दर पर तेल मुहैया कराया जाएगा। वितरण व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत व सुलभ बनाने के लिए सरकार ने प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को भी केरोसीन बेचने के लिए चिन्हित करने का निर्देश दिया है। नियमों में ढील देते हुए इन चिन्हित पेट्रोल पंपों को अधिकतम 5,000 लीटर तक का केरोसीन स्टॉक रखने की विशेष छूट प्रदान की गई है।

राज्यों को मिला एक्स्ट्रा कोटा

एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत के चलते जनता पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के नियमित कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर सुपीरियर केरोसीन तेल (SKO) का एक्स्ट्रा आवंटन कर दिया है। अब यह पूरी तरह से राज्य सरकारों के पाले में है कि वे अपने क्षेत्र की स्थानीय मांग और स्टॉक की उपलब्धता को देखते हुए प्रति राशन कार्ड परिवार को दिए जाने वाले तेल की मात्रा का निर्धारण करें।

कमर्शियल इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी

केरोसीन की इस आपातकालीन कालाबाजारी को रोकने और इसके सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बेहद कड़े दिशा-निर्देश और नियम जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी है कि इस तेल का उपयोग सिर्फ और सिर्फ घरों में खाना पकाने और रोशनी (लाइटिंग) करने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए ही किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार के औद्योगिक (Industrial) या कमर्शियल (व्यावसायिक) उद्देश्यों के लिए इस केरोसीन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि देश में बिना किसी रुकावट के ऊर्जा की सप्लाई जारी रखने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है और घबराने की कोई बात नहीं है।

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