बंगाल हिंसा: हरियाणा के 83 प्रतिष्ठितों ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

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-पूर्व आईएएस,आईपीएस व पद्मश्री ने की कार्रवाई की मांग
-भारत सेवा प्रतिष्ठान के बैनर तले दिखाई एकजुटता
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हो रही हिंसा के विरोध में हरियाणा के 83 प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों ने भारत सेवा प्रतिष्ठान के बैनर तले एकजुटता दिखाते हुए राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए कार्रवाई की मांग की। राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन पर 17 धार्मिक नेतृतव पूज्य संत, 11 प्रशासनिक, दो न्यायिक, 14 शिक्षाविद, आठ सामाजिक, 10 सेना व 10 पदक विजेता खिलाड़ी और 13 उद्योगपति, चिकित्सक व कलाकारों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमे अनेक पद्मश्री व अवार्डी शामिल हैं।
जिन्होंने बंगाल की राजनीति प्रेरित हिंसक त्रासदी को स्वस्थ लोकतंत्र विरोधी और असंवैधानिक घटना बताया। प्रतिनिधियों ने पश्चिम बंगाल में संवैधानिक व सामाजिक संकट मानते हुए स्वत: स्फूर्त होकर सामान्य जन की सुरक्षा की मांग उठाई।
भारत सेवा प्रतिष्ठान (सर्व इंडिया) के प्रतिनिधिमण्डल में प्रतिष्ठान के चेयरमैन कृष्ण सिंगल, पवन कुमार जिंदल, ब्रिगेडियर बलदेव तथा दीपक अग्रवाल, सेवानिवृत्त आईपीएस राजपाल सिंह, पूर्व आईएएस धर्मवीर, आरपी सिंह, पूर्व आईएफएस गुलशन आहूजा, नामचीन खिलाड़ी योगेश्वर दत्तर, बबीता फौगाट, साक्षी मलिक, मनोज कुमार के अलावा ब्रिगेडियर बेअंत परमार ने हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात में कहा कि कोरोना काल के दौरान बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।
हिंसा को तत्काल रोकने, हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने, हिंसा पीडि़तों को सुरक्षा व मुआवजा देने, कार्रवाई न करने वाले पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब करने की मांग करते हुए हरियाणा के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बंगाल में हो रही हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवालिया निशान है।
ज्ञापन के माध्यम से पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर गम्भीरता पूर्वक ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के कारण न केवल लोकतंत्र के आधारभूत सिद्धांत ‘स्वतंत्र चुनाव’ को गहरी चोट पहुंची है, वरन वहां ‘नागरिकों के जीवन, संपत्ति व अधिकारों की रक्षा करने के पवित्र दायित्व’ से राज्य शासन विमुख हो रहा है।

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