Haryana News: हरियाणा के 664 प्राइवेट स्कूलों में नए प्रवेश बंद, विभाग ने दी बड़ी चेतावनी

हरियाणा में 664 निजी स्कूलों के नए दाखिलों पर रोक लगाने के बाद शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर आगे और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। आखिर किन कमियों के चलते यह फैसला लिया गया और अब छात्रों का क्या होगा? जानिए पूरी रिपोर्ट।

हरियाणा के 664 प्राइवेट स्कूलों में नए प्रवेश बंद

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 5, 2026

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Haryana News: हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के निजी विद्यालयों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 664 निजी स्कूलों के लिए मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (MIS) पोर्टल पर नए विद्यार्थियों के प्रवेश की सुविधा बंद कर दी है। विभाग का कहना है कि इन स्कूलों ने मान्यता से जुड़े जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। यदि संबंधित संस्थान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी कमियां दूर नहीं करते हैं, तो भविष्य में उनके संचालन पर भी रोक लगाने या उन्हें बंद कराने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

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जिला स्तर की रिपोर्ट के बाद लिया गया फैसला

शिक्षा विभाग को विभिन्न जिलों से प्राप्त संयुक्त जांच रिपोर्ट में कई निजी स्कूलों के दस्तावेज अधूरे पाए गए। इन रिपोर्टों के आधार पर विभाग ने कुछ दिन पहले ही इन स्कूलों के लिए एमआईएस पोर्टल पर नए दाखिलों का विकल्प निष्क्रिय कर दिया था। अब विभाग इन संस्थानों की स्थिति की दोबारा समीक्षा करेगा और नियमों का पालन नहीं होने पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।

पहले 1,100 स्कूलों की हुई थी पहचान

इस वर्ष अप्रैल में शिक्षा निदेशालय ने राज्यभर में ऐसे करीब 1,100 निजी स्कूलों की पहचान की थी, जिनकी मान्यता संबंधी प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका जताई गई थी। इसके बाद सभी स्कूलों को आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया गया। साथ ही दस्तावेजों के सत्यापन के लिए विभागीय अधिकारियों की टीम भी नियुक्त की गई थी।

जांच के पहले चरण में 436 निजी स्कूलों ने सभी जरूरी दस्तावेज समय पर जमा कर दिए, जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट हो गई। वहीं, 664 स्कूल निर्धारित दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी नहीं कर सके। इसी कारण इन स्कूलों पर प्रवेश संबंधी प्रतिबंध लगाया गया है।

सुधार का मौका, लेकिन कार्रवाई भी संभव

शिक्षा विभाग का कहना है कि जिन स्कूलों ने अभी तक आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं किए हैं, उन्हें नियमों के अनुसार अपनी स्थिति सुधारने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, यदि निर्धारित समय के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी नहीं होतीं और नए दाखिले शुरू नहीं हो पाते, तो विभाग संबंधित स्कूलों की मान्यता और संचालन पर भी कड़ा निर्णय ले सकता है।

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आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया जारी

दूसरी ओर, शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया अभी जारी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 6 जुलाई निर्धारित की गई है।

राज्यभर में उपलब्ध 60,479 सीटों के मुकाबले अब तक 31,009 आवेदन प्राप्त हुए हैं। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 21,752 बच्चों को विभिन्न निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए सीटें आवंटित की जा चुकी हैं। इससे लगभग 70.1 प्रतिशत आवेदकों को सफलता मिली है।

सीटों के वर्गवार वितरण की बात करें तो नर्सरी में 10,880, एलकेजी में 1,280 से अधिक, यूकेजी में 1,900 से अधिक, जबकि पहली कक्षा में 7,680 सीटें बच्चों को आवंटित की गई हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश मिल सके।

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