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Haryana News: सिर्फ 20 रुपये में खुलेगी मिलावट की पोल, हरियाणा सरकार का बड़ा कदम

हरियाणा सरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जल्द बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई कर लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 8, 2026

Haryana News: हरियाणा में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) ने एक व्यापक और आधुनिक कार्ययोजना तैयार की है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को एक नई मजबूती देना है। इस मुहिम के तहत सरकार ने न केवल प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का विस्तार करने का निर्णय लिया है, बल्कि आम नागरिकों को भी इस लड़ाई में सीधे तौर पर शामिल करने की पहल की है।

20 रुपये में होगी खाद्य पदार्थों की जांच, मोबाइल लैब्स सड़क पर उतरेंगी

20 रुपये में शुद्धता की गारंटी

सरकार की इस नई योजना की सबसे बड़ी खासियत ‘मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब’ है। अब आम नागरिक बहुत ही मामूली शुल्क यानी मात्र 20 रुपये में अपने दैनिक उपयोग के खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच करा सकेंगे। यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद राहत भरी होगी, जिन्हें अक्सर बाजार में मिलने वाली चीजों की गुणवत्ता को लेकर संदेह रहता है। इस पहल से न केवल मिलावटखोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि आम जनता भी जागरूक होगी। मोबाइल लैब के माध्यम से अब जांच के लिए लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे मौके पर ही मिलावट का खुलासा संभव हो सकेगा।

नई प्रयोगशालाओं का जाल और आधुनिक तकनीक

खाद्य सुरक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में 8 नई अत्याधुनिक खाद्य जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में विभाग के नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने बताया कि बदलती जीवनशैली, बढ़ती आबादी और खाद्य कारोबार के विस्तार को देखते हुए पुराने जांच तंत्र को बदलना समय की मांग थी। यह नई प्रयोगशालाएं न केवल आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी, बल्कि इनमें प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित की जाएगी।

एनसीआर में विशेष फोकस और केंद्र का सहयोग

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने भी बड़ा हाथ बढ़ाया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में खाद्य जांच सुविधाओं को अत्यधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र ने 55 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है। इस विशेष आर्थिक सहायता का उपयोग फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक जैसे महत्वपूर्ण शहरों में अत्याधुनिक लैब्स की स्थापना के लिए किया जा रहा है। विभाग के मुताबिक, इन परियोजनाओं पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और आने वाले कुछ ही समय में ये केंद्र पूरी तरह से कार्यरत हो जाएंगे, जिससे एनसीआर क्षेत्र में खाद्य गुणवत्ता की निगरानी और भी सटीक हो सकेगी।

सरकार का स्पष्ट संदेश

हरियाणा सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां एक ओर सरकार संसाधनों को बढ़ाकर जांच की क्षमता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता को भी एक ऐसा मंच दे रही है जिससे मिलावटखोरों की ‘उल्टी गिनती’ शुरू हो सके। प्रशासन का मानना है कि यदि नागरिक जागरूक होंगे और उन्हें सस्ती जांच सुविधा मिलेगी, तो मिलावटखोर खुद-ब-खुद हतोत्साहित होंगे।

यह पहल हरियाणा में सुरक्षित खान-पान सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित होगी। अब देखना यह है कि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था कितनी तेजी से लागू होती है और मिलावटखोरी पर इसका कितना असर पड़ता है।

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