Haryana News: हरियाणा को विकास की एक नई और आधुनिक ऊंचाई पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी प्रशासनिक फैसला लिया है। अब राज्य में फाइलों की लेटलतीफी और कागजी खानापूर्ति का दौर पूरी तरह खत्म होने जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने ‘विकसित हरियाणा’ और ‘हरियाणा विजन-2047’ के सपनों को सच करने के लिए सीधे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का हाथ थाम लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी सरकारी विभागों को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अगले 5 सालों में किए जाने वाले अपने सभी विकास कार्यों का पूरा रोडमैप, ब्लूप्रिंट और कार्ययोजना सरकार द्वारा विशेष रूप से तैयार कराए गए अत्याधुनिक AI टूल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। इस तकनीक के जरिए मुख्यमंत्री खुद हर विभाग की परफॉर्मेंस की ऑन-स्क्रीन समीक्षा करेंगे।
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हरियाणा सचिवालय में हाई-लेवल बैठक
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता को लेकर मुख्यमंत्री ने यह कड़ा रुख बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक के दौरान अपनाया। सीएम सैनी ‘हरियाणा विजन-2047’ के तहत पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अगले 5 साल के रोडमैप की समीक्षा कर रहे थे।
इस बैठक में पुलिस कर्मियों के लिए क्या बड़ा फैसला हुआ और भ्रष्टाचार पर कैसे लगाम लगेगी, वो हम आपको आगे बताएंगे… लेकिन उससे पहले यह जान लीजिए कि सीएम ने अफसरों को क्या चेतावनी दी है? मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह खुद हर 3 महीने (त्रैमासिक आधार पर) प्रत्येक विभाग की प्रगति की जमीनी समीक्षा करेंगे। इसके लिए उन्होंने सभी विभागों को पाबंद किया है कि वे अपनी प्रगति रिपोर्ट (प्रोग्रेस रिपोर्ट) मुख्य समीक्षा बैठक से ठीक 2 दिन पहले मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। सीएम का लक्ष्य विकसित देशों की तर्ज पर हरियाणा के हर विभाग को ‘विकसित भारत’ के विजन के लिए पूरी तरह डिजिटल और मुस्तैद करना है।
विदेशों की तर्ज पर बनेंगी ग्रीन बिल्डिंग
समीक्षा बैठक के दौरान हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक (MD) और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल ने मुख्यमंत्री के सामने कॉर्पोरेशन का पूरा लेखा-जोखा और भावी योजनाएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1989 में अपनी स्थापना के बाद से कॉर्पोरेशन ने पुलिस बल की सहूलियत के लिए रिकॉर्ड काम किया है।
अब तक कॉर्पोरेशन द्वारा पुलिस कर्मियों के लिए 12,683 आधुनिक आवास, 165 पुलिस स्टेशन, 21 पुलिस चौकियां, 26 विशेष महिला पुलिस थाने, 13 पुलिस लाइन, 3 हाई-टेक पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, 21 पुलिस पब्लिक स्कूल और लगभग 400 अन्य गैर-आवासीय भवनों का शानदार निर्माण कराया जा चुका है। एमडी आलोक मित्तल ने जब पुराने भवनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी, तो मुख्यमंत्री ने भविष्य के निर्माण को लेकर एक बड़ा विजन सामने रखा। सीएम सैनी ने निर्देश दिए कि अब राज्य में जितने भी नए सरकारी और पुलिस विभाग के भवन बनेंगे, वे सभी विदेशों की तर्ज पर पूरी तरह ‘एनर्जी एफिशिएंट’ (ऊर्जा दक्ष) और ‘ग्रीन बिल्डिंग’ के रूप में तैयार किए जाएंगे, जिससे पर्यावरण का भी संरक्षण हो सके।
पुलिस कर्मचारियों को मिलेंगे उच्च गुणवत्ता के मकान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन को विशेष तौर पर निर्देश दिए कि दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात रहने वाले पुलिस कर्मचारियों के कल्याण में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के रहने के लिए पर्याप्त संख्या में और बेहद उच्च गुणवत्ता (हाई क्वालिटी) के मकान तैयार करने की एक ठोस और त्वरित कार्ययोजना बनाई जाए।
इस पूरी योजना को भी एआई टूल पर डाला जाएगा, ताकि निर्माण कार्य की गति और उसकी गुणवत्ता पर मुख्यमंत्री सीधे अपने डैशबोर्ड से नजर रख सकें। सरकारी विभागों की इस ‘एआई मॉनिटरिंग’ से तय है कि अब योजनाओं में न तो देरी होगी और न ही भ्रष्टाचार की गुंजाइश बचेगी।
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