Haryana News: हरियाणा में सरकारी भवनों में बड़ा बदलाव, कर्मचारियों के आवास भी होंगे प्रभावित

बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने राज्य में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 6, 2026

Haryana News: हरियाणा में बिजली वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य में ‘प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग’ प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना तैयार की गई है। इस नई पहल की शुरुआत आम जनता से पहले सरकारी क्षेत्र से की जाएगी, ताकि सिस्टम पर लोगों का भरोसा बढ़ सके।

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क्या है सरकार की रणनीति और उद्देश्य?

सरकार ने स्मार्ट मीटरिंग की शुरुआत के लिए ‘लीड बाय एग्जांपल’ (उदाहरण पेश करना) की नीति अपनाई है। पहले चरण में, हरियाणा के सभी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक भवनों और सरकारी कर्मचारियों के सरकारी आवासों में ये प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद, अगले चरणों में 10 किलोवाट से अधिक बिजली भार (Load) वाले उपभोक्ताओं और फिर अन्य श्रेणियों को इस प्रणाली के दायरे में लाया जाएगा।

इस रणनीति के पीछे का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच स्मार्ट मीटरिंग को लेकर मौजूद झिझक को दूर करना है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर हुई शिकायतों और वहां के अनुभवों से सबक लेते हुए, सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि यदि सरकारी तंत्र स्वयं इस प्रणाली को अपनाएगा, तो आम उपभोक्ताओं के बीच इसका विश्वास बढ़ेगा।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने की समीक्षा बैठक

हाल ही में चंडीगढ़ में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें बिजली निगमों के कामकाज और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बिजली वितरण में सुधार और तकनीकी उन्नयन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली निगमों को अब पुरानी कार्यप्रणाली छोड़कर नई तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा। उन्होंने ‘लक्ष्य आधारित’ योजनाओं पर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध (अखंडित) बिजली मिले, बल्कि आपूर्ति की गुणवत्ता भी विश्व स्तरीय हो।

बिजली हानियों में कमी और भविष्य की राह

बैठक के दौरान बिजली वितरण में होने वाली तकनीकी और व्यावसायिक हानियों (Line Losses) पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2013-14 में राज्य में बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस लगभग 34 प्रतिशत था, जो अब घटकर काफी कम हो गया है। इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सुधार की इस गति को और अधिक तेज करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार का प्राथमिक लक्ष्य बिजली की ‘बिलिंग’ और ‘वास्तविक आपूर्ति’ के बीच के अंतर को न्यूनतम करना है। प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली इस दिशा में एक गेम-चेंजर साबित होगी, क्योंकि इससे बिजली चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी और राजस्व वसूली में पारदर्शिता आएगी। यह बदलाव न केवल हरियाणा के ऊर्जा ढांचे को मजबूती देगा, बल्कि भविष्य में राज्य को 24×7 गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लक्ष्य के करीब ले जाएगा।

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