Haryana News: 22 घंटे बाद बोरवेल से बाहर आया निर्भय, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

हरियाणा के अंबाला जिले में बोरवेल में गिरे 4 वर्षीय निर्भय को 22 घंटे चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 1, 2026

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Haryana News: हरियाणा के अंबाला जिले के धनोरा गांव से एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई है। लगभग 22 घंटे तक चले एक व्यापक और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी 4 वर्षीय मासूम निर्भय को बचाया नहीं जा सका। बोरवेल से बाहर निकाले जाने के बाद अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

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कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

घटना मंगलवार सुबह की है। धनोरा गांव निवासी 4 वर्षीय निर्भय अपने पिता मनजीत के साथ खेत में गए थे, जहां उनके दादा करनैल सिंह काम कर रहे थे। परिवार के लिए खाना लेकर गए मनजीत काम में व्यस्त हो गए और दादा खाना खाने लगे। इसी बीच, निर्भय खेत में ही बोरवेल के पास खेलने लगा। खेलते-खेलते मासूम निर्भय खुले बोरवेल के अंदर मिट्टी डालने लगा। तभी गीली मिट्टी के कारण उसका पैर फिसला और वह सीधे 220 फुट गहरे बोरवेल में जा गिरा।

अचानक आई तेज आवाज सुनकर पिता और दादा तुरंत दौड़कर वहां पहुंचे। उन्होंने अपने स्तर पर बच्चे को निकालने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन बोरवेल काफी गहरा होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। अंततः, सुबह करीब साढ़े सात बजे प्रशासन को घटना की सूचना दी गई।

22 घंटे तक चला जीवन-मरण का संघर्ष

सूचना मिलते ही अंबाला के उपायुक्त (डीसी) अजय सिंह तोमर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मासूम को बचाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और सेना की विशेषज्ञ टीमों को तैनात किया गया।

बोरवेल का व्यास मात्र नौ इंच था, जो बचाव कार्य के लिए एक बड़ी बाधा बना हुआ था। सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए लगातार 22 घंटों तक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने की जद्दोजहद की। इस दौरान पूरा गांव और आसपास के लोग बच्चे की सलामती की दुआएं मांग रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

रेस्क्यू का दुखद समापन

अथक प्रयासों के बाद, बुधवार तड़के लगभग 3:30 बजे निर्भय को बोरवेल से बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ऋषिपाल ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, मासूम का शव अस्पताल के शव गृह में रखा गया है। पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

यह हादसा खुले बोरवेल की लापरवाही के खिलाफ एक गंभीर चेतावनी है। एक छोटे से बच्चे की जान का जाना पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रशासन द्वारा बार-बार दिशा-निर्देश जारी करने के बावजूद खुले बोरवेल का होना आज भी सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े करता है।

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