Health Tips: गर्मी में मटके का पानी क्यों नहीं ठंडा? अपनाएं ये आसान देसी तरीके

गर्मी बढ़ने के साथ लोग मटके का पानी पीना पसंद कर रहे हैं लेकिन कई घरों में मटका सही तरीके से पानी ठंडा नहीं कर पा रहा है ऐसे में कुछ आसान देसी तरीके और सही देखभाल अपनाकर मटके के पानी को फ्रिज जैसा ठंडा और ताजगीभरा बनाया जा सकता है

गर्मी में मटके का पानी क्यों नहीं ठंडा?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 28, 2026

Health Tips: गर्मी का मौसम आते ही लोग ठंडे पानी के लिए फ्रिज का सहारा लेने लगते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे गले में खराश, पाचन संबंधी दिक्कतें और कई अन्य समस्याएं हो सकती है। ऐसे में मिट्टी के मटके का पानी आज की सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक ऑप्शन माना जाता है।

मटके का पानी शरीर को धीरे-धीरे ठंडक पहुंचाता है और इसका स्वाद भी काफी ताजागीभरा होता है। यही कारण है कि गांवों से लेकर शहरों तक कई लोग गर्मियों में मटके का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उनका मटका पानी को पर्याप्त ठंडा नहीं कर रहा। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय मटके की ठंडक बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

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गीले कपड़े का तरीका बढ़ाएगा ठंडक

मटके को अधिक ठंडा रखने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है उसे गीले कपड़े से ढकना। यदि मटके के चारों तरफ गीला कपड़ा, तौलिया या बोरी लपेट दी जाए तो कपड़े का पानी धीरे-धीरे सूखता है और इस प्रक्रिया में मटके की गर्मी बाहर निकलती रहती है।

इससे मटके के अंदर का पानी सामान्य से ज्यादा ठंडा बना रहता है। अगर तापमान बहुत ज्यादा हो तो कपड़े को दिन में दो या तीन बार दोबारा गीला करना चाहिए। यह देसी उपाय वर्षों से इस्तेमाल किया जा रहा है और आज भी काफी कारगर माना जाता है।

सही जगह पर रखें मटका

मटके को कहां रखा गया है, इसका भी पानी की ठंडक पर बड़ा असर पड़ता है। कई लोग मटके को ऐसी जगह रख देते हैं जहां सीधी धूप या ज्यादा गर्मी होती है। इससे मटका जल्दी गर्म हो जाता है और पानी ठंडा नहीं रह पाता।

विशेषज्ञों का कहना है कि मटके को हमेशा हवादार और ठंडी जगह पर रखना चाहिए। खिड़की के पास, बालकनी या ऐसी जगह जहां हवा आती-जाती रहे, वहां मटका ज्यादा बेहतर तरीके से काम करता है। हवा के संपर्क में रहने से मिट्टी ठंडी रहती है और पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा बना रहता है।

नए मटके को तुरंत इस्तेमाल न करें

नए मटके को तुरंत इस्तेमाल न करें
नए मटके को तुरंत इस्तेमाल न करें

अगर आपने नया मटका खरीदा है तो उसे सीधे पानी भरकर इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता। नया मटका पहले कुछ घंटों तक पानी में भिगोकर रखना चाहिए। करीब 10 से 12 घंटे तक मटके को साफ पानी में रखने से मिट्टी के छोटे-छोटे छिद्र खुल जाते हैं। इससे मटका पानी को बेहतर तरीके से ठंडा कर पाता है। कई लोग इस जरूरी प्रक्रिया को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण नया मटका सही कूलिंग नहीं देता।

मटके को जमीन पर रखने से बचें

गर्मियों में फर्श भी काफी गर्म हो जाता है। अगर मटका सीधे जमीन पर रखा जाए तो नीचे से गर्मी मटके तक पहुंचती रहती है, जिससे पानी जल्दी गर्म हो सकता है। इसलिए मटके को लकड़ी के स्टूल, ईंट, तख्ते या किसी स्टैंड पर रखना बेहतर माना जाता है। कुछ लोग मटके के नीचे गीली रेत भी रखते हैं, जिससे ठंडक लंबे समय तक बनी रहती है।

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नियमित सफाई भी है जरूरी

मटके का पानी हमेशा ताजा और साफ रहना चाहिए। लंबे समय तक रखा हुआ पानी स्वाद और ठंडक दोनों खो सकता है। इसलिए रोजाना पानी बदलना और समय-समय पर मटके की सफाई करना जरूरी है। सफाई के लिए हल्के गुनगुने पानी और मुलायम ब्रश का इस्तेमाल करें। तेज साबुन या केमिकल मिट्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं और पानी की गुणवत्ता भी खराब कर सकते हैं।