Himachal News: एक तरफ जहां देश के राजनीतिक गलियारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी खेमे ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले तेज कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार के कद्दावर लोक निर्माण मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता विक्रमादित्य सिंह ने दिल्ली की सत्ता को लेकर एक बेहद सनसनीखेज बयान दिया है। विक्रमादित्य सिंह ने साफ लफ्जों में कहा है कि दिल्ली में बैठी एनडीए (NDA) सरकार पूरी तरह से अस्थिर है, क्योंकि यह अपने दम पर नहीं बल्कि बैसाखियों के सहारे खड़ी है।
मीडिया से बातचीत के दौरान जब विक्रमादित्य सिंह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए रिकॉर्ड को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, “आने वाला समय ही तय करेगा कि कौन सत्ता में दोबारा लौट पाएगा और कौन नहीं। फिलहाल हकीकत यह है कि यह सरकार तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुखिया नीतीश कुमार की बैसाखियों के ऊपर टिक कर चल रही है।”
विक्रमादित्य सिंह की बड़ी भविष्यवाणी
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि, “मैं कोई बहुत बड़ा राजनीतिक पंडित नहीं हूं और न ही मुझे भविष्यवाणियां करने का कोई शौक है, लेकिन देश की मौजूदा सियासी परिस्थितियों को देखकर कोई भी यह बता सकता है कि यह गठबंधन सिर्फ दबाव की राजनीति पर चल रहा है। जिस दिन भी सहयोगियों का यह दबाव खत्म हुआ या उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, उसी दिन यह सरकार धड़ाम से गिर जाएगी और केंद्र सरकार कभी भी अल्पमत में आ सकती है।”
उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) की ताकत का जिक्र करते हुए आगे कहा कि, “आज कांग्रेस देश की प्रमुख विपक्षी ताकत बनकर उभरी है। लोकसभा के भीतर हमारे पास 100 से ज्यादा सांसदों की मजबूत फौज है, जबकि देश के चार बड़े राज्यों में कांग्रेस अपने दम पर सरकार चला रही है। ऐसे में देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो गई है।”
‘नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी कर रहे हैं कमाल
विक्रमादित्य सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि, “राहुल गांधी संसद के भीतर एक बेहद जिम्मेदार और आक्रामक विपक्ष के नेता के रूप में बहुत ही शानदार काम कर रहे हैं। वे बिना किसी डर के जनता से जुड़े जमीनी और गंभीर मुद्दों को सीधे प्रधानमंत्री के सामने उठा रहे हैं, जिससे सरकार लगातार बैकफुट पर आ रही है।”
गठबंधन के भीतर तालमेल के सवाल पर उन्होंने कहा कि, “इंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी (SP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य कई मजबूत क्षेत्रीय दल शामिल हैं। यह हमारे केंद्रीय नेतृत्व को तय करना है कि सभी सहयोगी दलों के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए। कांग्रेस आलाकमान सभी पार्टियों को साथ लेकर देशहित में आगे बढ़ने की रणनीति पर बखूबी काम कर रहा है और विपक्ष की यह एकजुटता ही सरकार की सबसे बड़ी कमजोरी बन चुकी है।”
नीट (NEET) पेपर लीक पर घेरा
अपने बयान में विक्रमादित्य सिंह ने देश के करोड़ों युवाओं से जुड़े नीट (NEET) परीक्षा घोटाले और लगातार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को बुरी तरह कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि, “देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक होना और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का सामने आना, यह साफ करता है कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है।”
भ्रष्टाचार के फैलाव पर बोलते हुए हिमाचल के मंत्री ने कहा कि, “इस पेपर लीक घोटाले के तार देश के कई राज्यों से जुड़े हुए हैं। हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ से लेकर मध्य प्रदेश तक इस धांधली का जाल फैला हुआ है, जिसने देश के होनहार नौजवानों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। इन सब गंभीर गड़बड़ियों के ऊपर सीधे तौर पर केंद्र सरकार की जवाबदेही बनती है। सरकार को अपनी कमियों पर गहरा मंथन करना चाहिए, न कि मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहिए। राहुल गांधी इन्हीं सब महत्वपूर्ण और जनहित के मसलों को लोकसभा के अंदर पूरी ताकत से उठा रहे हैं और जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, विपक्ष शांत नहीं बैठेगा।”
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