Weather Update: उत्तर भारत से मुंबई तक मानसून का हाहाकार, आईएमडी ने अचानक जारी की ये बड़ी चेतावनी

उत्तर भारत समेत देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से भारी तबाही मची है। आईएमडी ने दिल्ली, यूपी, मुंबई और पहाड़ी राज्यों में अत्यंत भारी बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र में अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है और कई रूटों पर रेल सेवा प्रभावित है।

Weather Update

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 9, 2026

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Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम, मध्य, और पश्चिमी तटीय भारत समेत पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रात से ही रुक-रुक कर हो रही वर्षा ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि आगामी दिनों में कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बताते चले कि, मौसम विज्ञान केंद्र ने देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट (Heavy Rainfall Alert) जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अत्यधिक पानी बरसने की संभावना है। उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों, जिनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और बिहार शामिल हैं, वहां भी तेज बौछारें पड़ने और केरल समेत दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

महाराष्ट्र में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही

महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण प्राकृतिक आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कई संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और मैदानी भागों में गंभीर जलभराव (Waterlogging) के कारण रेल और सड़क यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। नासिक में पवित्र गोदावरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है और नदी उफान पर है। आर्थिक राजधानी मुंबई में भारी जलजमाव के चलते लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। वहीं, पालघर के वसई-विरार क्षेत्र में पटरियों पर पानी भरने के कारण गुजरात की ओर जाने वाली कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के पहिए थम गए हैं।

मानसून सीजन में जान-माल का भारी नुकसान

आपको बता दे कि, इस वर्ष 1 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से ही महाराष्ट्र में भारी तबाही देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों और न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन में अब तक बाढ़ और बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में 62 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक मवेशियों की जान गई है। पालघर जिले से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की लाचारी और मानवीय संघर्ष की एक झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक सुदूर गांव में स्थानीय ग्रामीणों ने मजबूरन घर के दरवाजे को स्ट्रेचर बनाया और उफनते गहरे पानी के बीच से पैदल गुजरते हुए एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया।

पिछले 24 घंटों का मौसम का हाल

बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिला। कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के क्षेत्रों में बादलों ने जमकर तबाही मचाई, जहां 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक की रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और आंधी-तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा मराठवाड़ा, सौराष्ट्र, कच्छ, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय और त्रिपुरा में भी ‘बहुत भारी बारिश’ (12 से 20 सेंटीमीटर) रिकॉर्ड की गई। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक ‘भारी वर्षा’ दर्ज की गई है।

सड़कों पर जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम

इस मानसूनी बारिश ने एक तरफ जहां लोगों को भीषण और उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ शहरी और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। जगह-जगह हुए जलजमाव और सड़कों पर बने गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के गिरने की लगातार खबरें आ रही हैं। कई प्रमुख राजमार्ग और शहर की अंदरूनी सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। दफ्तर और जरूरी कामों के लिए निकले लोग घंटों से भीषण ट्रैफिक जाम में फंसे हुए हैं, जिससे जलभराव अब आम जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुका है।

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