अमृतसर में बंद का असर, ऑपरेशन ब्लू स्टार बरसी पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

अमृतसर. घल्लूघारा दिवस के मौके पर दल खालसा की तरफ से बुलाए गए अमृतसर बंद का शहर में बड़ा असर दिखा। दल खालसा नेताओं ने हॉल गेट बाजार में मार्च निकाला और दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की। ​​हालांकि, इस दौरान बाजार की ज्यादातर दुकानें पहले से ही बंद थीं। दल खालसा नेता परमजीत सिंह ने कहा कि 1984 के घल्लूघारा के जख्म आज भी सिख समुदाय के दिलों में ताजा हैं। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने उस घटना के गुनहगारों को अभी तक माफ नहीं किया है और हर साल दुनिया इस घटना को याद

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Published On :

जून 6, 2026

अमृतसर.

घल्लूघारा दिवस के मौके पर दल खालसा की तरफ से बुलाए गए अमृतसर बंद का शहर में बड़ा असर दिखा। दल खालसा नेताओं ने हॉल गेट बाजार में मार्च निकाला और दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की। ​​हालांकि, इस दौरान बाजार की ज्यादातर दुकानें पहले से ही बंद थीं।

दल खालसा नेता परमजीत सिंह ने कहा कि 1984 के घल्लूघारा के जख्म आज भी सिख समुदाय के दिलों में ताजा हैं। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने उस घटना के गुनहगारों को अभी तक माफ नहीं किया है और हर साल दुनिया इस घटना को याद करके अपना दर्द बयां करती है। दल खालसा नेता परमजीत सिंह ने कहा कि दल खालसा हर साल 5 जून को मार्च निकालता है और 6 जून को बंद का आह्वान करता है ताकि 1984 के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा सके। परमजीत सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से व्यापारियों और शहरवासियों से संपर्क कर इस दुख में भागीदार बनने की अपील की जा रही थी। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी शहर के लोगों और व्यापारियों ने पूरा सहयोग दिया है, जिसके लिए वह उनके आभारी हैं।

उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर, अस्पताल और इमरजेंसी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। अकाल तख्त साहिब से जारी संदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जत्थेदार ने अपने संबोधन में शहीदों को याद करने के साथ-साथ पंथ के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला और सिख समुदाय से एकजुट होकर उनका सामना करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण माहौल रहा और कोई शोर-शराबा या नारेबाजी नहीं हुई।

दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था, ताकि कोई शरारती तत्व माहौल खराब न कर सके। उन्होंने कहा कि शहर में लगातार निगरानी रखी गई और कानून व्यवस्था पूरी तरह से बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दल खालसा की ओर से बुलाई गई बंद की कॉल को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा इंतजाम पहले से ही मजबूत कर दिए गए थे।