संवाददाता-नवनीत कुमार सिंह
Kaushambi : उत्तर प्रदेश में होने वाले ग्राम पंचायत चुनावों से पहले प्राइम टीवी की टीम इन दिनों ग्राउंड जीरो पर उतरकर ग्रामीणों क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों एवं गांवों में होने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा ले रही है जिसमें प्रदेश के कई जिलों में ऐसी तस्वीर देखने को मिली जहां ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी स्थानीय मूलभुत सुविधाओं से वंचित हैं।विकास के नाम पर हर साल ग्राम प्रधानों को केंद्र एवं राज्य सरकार से करोड़ों रुपये का भुगतान किया जाता है इसके बावजूद गांवों में होने वाला विकास नील बटे सन्नाटा ही है।

इसी कड़ी में आज हम आपको यूपी के कौशांबी जिले में मंझनपुर तहसील में आने वाले ग्राम पंचायत तियरा जमालपुर के मजरा मोज्जमपुर के बारे में बताने वाले हैं जहां ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत का भुगतान स्थानीय लोग भुगत रहे हैं।
कौशांबी के मजरा मोज्जमपुर में पहुंची Prime TV टीम
एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य लगातार कौशांबी जिले के गांव की दशा और दिशा सुधारने के लिए हर महीने जनपद का दौरा कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उनके ही गृह जनपद मंझनपुर तहसील में आने वाले ग्राम पंचायत तियरा जमालपुर के मजरा मोज्जमपुर के ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी भ्रष्टाचार की चासनी में पूरी तरह से डूबकर उनकी साख पर बट्टा लगाते नजर आ रहे हैं।

आपको बता दें कि,ग्राम पंचायत तियरा जमालपुर के मजरा मोज्जमपुर में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर कई गंभीर आरोप लगाए है। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा सरकारी धन का पूरी तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है। हैंडपंप रिबोर और मरम्मत के नाम पर लाखों का बजट डकारने के बावजूद ग्राम प्रधान द्वारा ना तो रिबोर कराया गया है और ना ही खराब होने पर हैंडपंप की मरम्मत कराई जा रही है जिसके चलते उन्हें पीने के पानी के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है।
भ्रष्टाचार में लिप्त ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी
मंझनपुर तहसील के ग्राम पंचायत तियरा जमालपुर के मजरा मोज्जमपुर के स्थानीय लोगों ने हमारे संवाददाता को बताया कि, इंटरलॉकिंग खड़ंजा व नाली निर्माण के लिए प्रधान द्वारा बजट निकाला गया है किंतु अब तक स्थिति वैसी की वैसी ही है साथ ही स्ट्रीट लाइट के नाम पर भारी भरकम बजट निकाले जाने के बावजूद आज तक उनके गांव में कहीं भी मौजूदा ग्राम प्रधान द्वारा स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई है।

ग्रामीणों की मानें तो यहां बड़े पैमाने पर हुए इस भ्रष्टाचार में आखिर कौन जिम्मेदार है इसका पता लगना चाहिए साथ ही आखिर कब सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले ऐसे भ्रष्टाचारियों पर जिम्मेदार अधिकारी अंकुश लगाएंगे इसका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद संज्ञान लें तभी गांवों की तस्वीर बदलेगी।वहीं हमारे संवाददाता द्वारा जब इस विषय पर ग्राम प्रधान से बात करने की कोशिश की गई तो ग्राम प्रधान ने फोन काट दिया और कई बार फोन मिलने पर भी फोन उठाना बंद कर दिया।