India Missile Agni 5: भारत की अग्नि-5 मिसाइल ने भरी उड़ान, अब बीजिंग से इस्लामाबाद तक खौफ

भारत ने MIRV तकनीक से लैस अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह अत्याधुनिक मिसाइल एक साथ कई न्यूक्लियर टारगेट को निशाना बनाने में सक्षम है, जिससे देश की रक्षा क्षमता और अधिक मजबूत हो गई है।

India Missile Agni 5

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 10, 2026

India Missile Agni 5: भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हुए अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण देश की रणनीतिक शक्ति के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार मिसाइल में अत्याधुनिक MIRV (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे एक ही मिसाइल कई अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम हो जाती है।

यह परीक्षण 8 मई 2026 को ओडिशा स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल को विभिन्न पेलोड के साथ लॉन्च किया गया और हिंद महासागर क्षेत्र में कई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा गया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मिशन के सभी उद्देश्य पूरी तरह सफल रहे।

शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर मंथन, दो दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

5000 किलोमीटर से अधिक रेंज और मल्टी-टारगेट क्षमता

अग्नि-5 मिसाइल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लंबी रेंज है, जो 5000 किलोमीटर से अधिक मानी जाती है। इसके साथ ही MIRV तकनीक इसे और भी घातक बनाती है, क्योंकि यह एक साथ कई न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर दागने में सक्षम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल लगभग चार से पांच वॉरहेड तक ले जाने की क्षमता रखती है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इस परीक्षण के दौरान मिसाइल की निगरानी जमीन और समुद्र पर स्थित कई ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री स्टेशनों के माध्यम से की गई, जिन्होंने पूरे मिशन की सटीक जानकारी दर्ज की।

रक्षा मंत्री ने दी DRDO और सेना को बधाई

इस सफल परीक्षण के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और भारतीय सेना को बधाई दी। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सरकार के अनुसार, यह उपलब्धि भारत की बढ़ती रक्षा तैयारियों और आधुनिक तकनीकी क्षमता को दर्शाती है।

भारत का MIRV क्लब में प्रवेश

भारत ने पहली बार मार्च 2024 में MIRV तकनीक से लैस अग्नि-5 का परीक्षण किया था, जिसे ‘मिशन दिव्यास्त्र’ नाम दिया गया था। इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास यह उन्नत तकनीक मौजूद है। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं।

अग्नि-5 तीन चरणों वाले सॉलिड फ्यूल इंजन पर आधारित है और इसमें पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें भारतीय एवियोनिक्स और हाई-प्रिसिशन सेंसर लगाए गए हैं, जो इसे और अधिक सटीक और प्रभावी बनाते हैं।

भारत की परमाणु नीति और रणनीतिक क्षमता

भारत की परमाणु नीति “नो फर्स्ट यूज” पर आधारित है, यानी भारत पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। लेकिन यदि उस पर हमला होता है तो वह बड़े स्तर पर जवाब देने की क्षमता रखता है। भारत के पास जमीन, हवा और समुद्र तीनों माध्यमों से परमाणु हमला करने की क्षमता मौजूद है।

हाल ही में भारतीय नौसेना ने INS अरिदमन जैसी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी को शामिल कर अपनी समुद्री शक्ति को भी मजबूत किया है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, भारत के पास लगभग 180 परमाणु हथियार हैं, जबकि चीन और पाकिस्तान के पास इससे अधिक संख्या में परमाणु क्षमता होने का अनुमान है।

तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे अजय गुप्ता बने भारतीय वन सेवा के अधिकारी