Indore Showroom Fire : इंदौर के शोरूम में लगी भीषण आग, पड़ोसियों ने रस्सी-सीढ़ी से बचाई 20 जानें

मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित स्कीम-136 के एक अपार्टमेंट के नीचे बने इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। ऊपरी मंजिलों पर रह रहे छह परिवारों के बीस से ज्यादा लोग जब धुएं और लपटों के बीच फंस गए, तब पड़ोसियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें कैसे बचाया? जानिए।

Indore Showroom Fire

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 5, 2026

Indore Showroom Fire : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक बेहद डरावनी और बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के आलीशान शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि शोरूम के ऊपर बनी बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले 6 अलग-अलग परिवारों के करीब 20 लोग अंदर ही बंधक बनकर फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पड़ोसियों की मदद से सीढ़ियों और रस्सियों के सहारे सभी फंसे हुए मासूम लोगों को सकुशल और सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा मुख्य कारण

यह दर्दनाक हादसा इंदौर के व्यस्त लसूड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत खालसा चौक के पास शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे घटित हुआ। उस वक्त चारों तरफ सन्नाटा था और लोग अपने घरों में थे। फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन द्वारा की गई शुरुआती तकनीकी जांच में इस भयानक अग्निकांड की मुख्य वजह इलेक्ट्रिक शोरूम के भीतर हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। गनीमत रही कि राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू हो गया, जिससे एक बहुत बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया।

धुआं भरने से टूटी नींद, सीढ़ियों पर काबिज हुआ लपटों का पहरा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह भीषण आग अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित हो रहे इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में लगी थी। जिस वक्त नीचे आग धधक रही थी, ठीक उसी समय ऊपरी मंजिलों पर बने फ्लैट्स में लोग गहरी नींद में सो रहे थे। कुछ ही देर में पूरी इमारत में काला और जहरीला धुआं भर गया, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी और उनकी अचानक नींद खुल गई। जब घबराए हुए लोगों ने खिड़कियों से नीचे झांककर देखा, तो शोरूम से आग की गगनचुंबी लपटें उठ रही थीं। चूंकि शोरूम के बिल्कुल बगल से ही ऊपर जाने वाली मुख्य सीढ़ियां बनी थीं, इसलिए वे भी पूरी तरह लपटों की चपेट में आ गईं और लोगों के नीचे उतरने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।

देवदूत बनकर सामने आए पड़ोसी, छतों के बीच बनाया रेस्क्यू का रास्ता

मंजिलों पर फंसे लोगों की चीख-पुकार और रोने की आवाजें सुनकर पड़ोस की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में रहने वाले स्थानीय नागरिक बिना अपनी जान की परवाह किए मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत बड़ी सीढ़ियों और मजबूत रस्सियों का इंतजाम किया। पड़ोसियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए आग के धुएं में फंसे हुए बदहवास लोगों को चिल्लाकर तुरंत अपने-अपने फ्लैट्स से निकलकर सीधे छत पर पहुंचने के लिए कहा।

खिड़कियों और एंगलों से बांधी रस्सियां, सुरक्षित उतारे गए मासूम

बाजू वाली सुरक्षित इमारत के जांबाज लोगों ने दोनों बिल्डिंगों की छतों के बीच लोहे और लकड़ी की सीढ़ियां जोड़कर एक अस्थायी पुल (रास्ता) तैयार कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने खिड़कियों और मजबूत लोहे के एंगलों से रस्सियां बांधकर दूसरी तरफ नीचे फंसी हुई खिड़कियों की ओर फेंक दीं। आग की विभीषिका में फंसे कुछ साहसी लोग इन सीढ़ियों के सहारे रेंगते हुए दूसरी सुरक्षित बिल्डिंग की छत पर पहुंच गए, जबकि कुछ युवाओं और महिलाओं को रस्सियों से लटकाकर बेहद सावधानीपूर्वक नीचे उतारा गया।

इस पूरे रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में सबसे बड़ी और राहत की बात यह रही कि आग की लपटें ऊपरी मंजिलों पर स्थित रिहायशी फ्लैटों के अंदर तक नहीं पहुंच सकीं। इसके चलते परिवारों का घरेलू कीमती सामान और आशियाना सुरक्षित बच गया। हालांकि, ग्राउंड फ्लोर पर बने शोरूम की तबाही का मंजर खौफनाक था; वहां प्रदर्शन और बिक्री के लिए रखे गए सभी नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (स्कूटर) पूरी तरह जलकर लोहे के मलबे में तब्दील हो गए।

दो टैंकर पानी से बुझी आग, पीड़ितों ने बयां की खौफनाक दास्तान

मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड के वरिष्ठ अधिकारी शोभाराम मालवीय ने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि इस भीषण हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि या नागरिक के झुलसने की खबर नहीं है। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दो बड़े पानी के टैंकरों की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। उधर, मूल रूप से शिवपुरी के रहने वाले पीड़ित किरायेदार भानु सिंह और निशा सिंह ने बताया कि जब लोगों ने जगाने के लिए उनकी खिड़कियों पर पत्थर फेंके, तब जाकर उन्हें इस कयामत का पता चला। वहीं, बेंगलुरु के स्टार्टअप संचालक चेतन ने कहा कि वे इस हादसे के डर से इतने सहम गए हैं कि वे अपने परिचितों के घर शिफ्ट हो रहे हैं। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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