Ishq Karo Party: देश में हाल ही में चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी के बाद अब एक और नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया गया है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने ‘इश्क करो पार्टी’ (आईकेपी) नाम से एक नए राजनीतिक संगठन की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह पार्टी केवल एक राजनीतिक मंच नहीं बल्कि समाज में एकता, प्रेम और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देने का प्रयास है।
काटजू ने दावा किया कि देश के सामने मौजूद गरीबी, बेरोजगारी, कुपोषण और सामाजिक विभाजन जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान केवल लोगों के बीच आपसी प्रेम और एकजुटता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य इन्हीं मुद्दों पर जनजागरूकता फैलाना और समाज को जोड़ना है।
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महुआ मोइत्रा को भी दिया पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण
नई पार्टी की घोषणा के साथ ही काटजू ने महुआ मोइत्रा को भी अपनी पार्टी से जुड़ने का प्रस्ताव दिया। हालांकि इस प्रस्ताव पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। काटजू का मानना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के बीच भाईचारा और सहयोग की भावना को मजबूत करें।
कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा निशाना
पूर्व न्यायाधीश ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की तीखी आलोचना की। उन्होंने पार्टी की विचारधारा और उसके आंदोलनों को लेकर सवाल उठाए। दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी हाल ही में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सक्रिय रही है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की थी।
काटजू ने इस मांग को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि किसी एक मंत्री के इस्तीफे से व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। उनके अनुसार समस्या केवल व्यक्तियों की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की है, जिसे व्यापक सामाजिक परिवर्तन के जरिए सुधारा जा सकता है।
‘इश्क’ को बताया सामाजिक एकता का आधार
काटजू ने अपने विचारों को स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘इश्क’ का अर्थ केवल प्रेम संबंध नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों के प्रति सम्मान, अपनापन और सहानुभूति रखना है। उन्होंने कहा कि लोगों को जाति, धर्म, भाषा, नस्ल और अन्य भेदभावों से ऊपर उठकर एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। उनके अनुसार जब समाज में आपसी विश्वास और एकता मजबूत होगी, तभी लोग अपने अधिकारों के लिए प्रभावी जनआंदोलन खड़ा कर पाएंगे और गरीबी, बेरोजगारी तथा अन्य सामाजिक समस्याओं से छुटकारा पा सकेंगे।
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नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप
काटजू ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता जनता की समस्याओं की बजाय सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने में अधिक रुचि रखते हैं। ऐसे माहौल में आम नागरिकों के हित पीछे छूट जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इश्क करो पार्टी का मुख्य उद्देश्य लोगों को जोड़ना, सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए एक मजबूत जनआंदोलन तैयार करना है। उनके अनुसार प्रेम और एकता ही देश की बड़ी चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी रास्ता है।











