Israel Iran War: घर के ऑफिस में बैठे थे खामेनेई जब काल बनकर गिरी मिसाइल, जानें मौत की पूरी कहानी

इजरायल और अमेरिका के हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की तेहरान स्थित उनके दफ्तर में मौत हो गई। मिसाइलों ने उनके कार्यालय को निशाना बनाया, जिससे खामनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए।

Israel Iran War

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 1, 2026

Israel Iran War: इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि खामेनेई अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह घटना शनिवार, 28 फरवरी, 2026 को सुबह-सुबह राजधानी तेहरान में हुई, जब अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने खामेनेई के आवास और कार्यालय परिसर को निशाना बनाया।

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घर के ऑफिस में बैठे थे खामेनेई

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घर के ऑफिस में बैठे थे खामेनेई

फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई शनिवार की सुबह अपने घर के ऑफिस में बैठे थे और उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि उनके ऊपर हमला होने वाला है। अमेरिकी और इजरायली खुफिया तंत्र को उनके स्थान का पूर्ण ज्ञान था। इसी जानकारी के आधार पर मिसाइलें उनके घर और ईरान के राष्ट्रपति भवन के पास दागी गईं। हमले के समय खामेनेई अपने घर के ऑफिस में मौजूद थे।

हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरा परिसर धुआं और मलबे से भर गया और खामेनेई का घर पूरी तरह तबाह हो गया। इस भयानक हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उनके साथ उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मौत हुई।

अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने की पुष्टि

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रात ही इस हमले के बाद खामेनेई की मौत की पुष्टि की थी। दोनों नेताओं ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

ईरानी सेना का बयान

खामेनेई की मौत के बाद ईरानी सेना और इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि ईरान ने अपने एक महान नेता को खो दिया, जिनकी शहादत और मार्गदर्शन हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। सेना ने यह भी चेतावनी दी कि खामेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा।

ईरानी सेना ने आगे कहा, “हम अपने मार्गदर्शक की अनमोल विरासत की रक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ खड़े रहेंगे। देश के खिलाफ आंतरिक और बाहरी साजिशों का मुकाबला किया जाएगा और आक्रमणकारियों को सबक सिखाया जाएगा। जो अल्लाह की राह में मारे गए हैं, उन्हें मृत न समझें, वे अपने रब के पास जीवित हैं।”

क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव

खामेनेई की मौत ने मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ा दिया है। ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। इस घटना का क्षेत्रीय राजनीतिक और सामरिक प्रभाव भी अत्यधिक होगा। ईरानी सेना और IRGC की चेतावनी से यह स्पष्ट है कि अमेरिका और इजरायल को इस कार्रवाई का जवाब मिल सकता है, जिससे मिडिल ईस्ट की स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

यह हमला न केवल ईरान के नेतृत्व को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया था, बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक समीकरणों पर महसूस किया जा रहा है। खामेनेई की मौत ने ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, और आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह घटना अत्यंत संवेदनशील साबित हो सकती है।

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