Jagdeep Dhankhar: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ दिल्ली एम्स में भर्ती, लगातार बेहोशी की घटनाओं के बाद जांच

बड़ी खबर! भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लगातार बेहोशी की शिकायतों के बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। 10 जनवरी को वॉशरूम जाते समय उन्हें दो बार बेहोशी आई। आखिर क्या है उनकी बीमारी की असली वजह? डॉक्टरों ने MRI के साथ कई बड़े टेस्ट शुरू कर दिए हैं। जानिए पूरी रिपोर्ट।

Jagdeep Dhankhar

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 12, 2026

Jagdeep Dhankhar: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को हाल ही में लगातार दो बार बेहोश होने के बाद सोमवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें जांच और MRI के लिए भर्ती किया गया है।अधिकारियों के अनुसार 10 जनवरी को धनखड़ को वॉशरूम में दो बार अचानक बेहोशी का दौरा पड़ा। इसी के बाद उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा दिल्ली एम्स में भर्ती कर जांच की सलाह दी गई।

पूर्व उपराष्ट्रपति की स्वास्थ्य इतिहास

जगदीप धनखड़ इससे पहले भी कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में बेहोश हो चुके हैं। इन घटनाओं में कच्छ का रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली शामिल हैं। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए वह कई बार कार्यक्रमों में अपनी सेहत को लेकर चिंतित नजर आए थे।धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को मानसून सत्र के पहले दिन उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। तत्कालीन राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्ष ने उनके अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाए थे और इसे केवल स्वास्थ्य कारण से जोड़ने से इनकार किया।

सरकारी आवास के लिए आवेदन किया

धनखड़ को उनके इस्तीफे के पांच महीने बाद भी सरकारी आवास नहीं मिला था। सूत्रों के अनुसार, 22 अगस्त 2025 को उन्होंने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर पूर्व उपराष्ट्रपतियों के लिए निर्धारित सरकारी आवास की मांग की थी।

पूर्व उपराष्ट्रपतियों को मिलने वाली सुविधाएँ

पूर्व उपराष्ट्रपति को भारत सरकार से कई सुविधाएं मिलती हैं। इनमें शामिल हैं:

  • दो लाख रुपये प्रति माह पेंशन
  • टाइप-8 बंगला
  • एक निजी सचिव और एक अतिरिक्त निजी सचिव
  • एक निजी सहायक और चार अतिरिक्त निजी सहायक
  • एक डॉक्टर और एक नर्सिंग अफसर

इन सुविधाओं में उनके निधन के बाद जीवनसाथी को टाइप-7 आवास में रहने का अधिकार भी शामिल है।

धनखड़ की हालत पर नजर और आगे की जांच

डॉक्टरों के अनुसार, उनका MRI और अन्य जांचों के परिणाम आने के बाद ही उनकी सेहत के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। लगातार बेहोशी की घटनाओं के कारण उनकी निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है।जगदीप धनखड़ की स्वास्थ्य समस्याओं और अचानक इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा रही। विशेषज्ञों ने कहा कि उच्च पदों पर रह रहे अधिकारियों की सेहत पर नजर रखना और समय पर उचित इलाज सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है।

Read More : SC में ED का गंभीर आरोप, ममता बनर्जी पर ₹2,742 करोड़ के घोटाले और 20 करोड़ हवाला के लिंक का आरोप