JEE Advanced Data Leak : भारत में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर चल रहे विवाद अभी पूरी तरह थमे भी नहीं थे कि एक और बड़ा मामला सामने आ गया है। इस बार देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा ‘जेईई एडवांस्ड 2026’ के परिणाम घोषित होने के ठीक बाद उम्मीदवारों का बेहद संवेदनशील और निजी डेटा लीक होने की गंभीर खबरें आई हैं। इस साल परीक्षा का आयोजन करने वाले संस्थान आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) ने अपने आधिकारिक पोर्टल से परीक्षार्थियों के रिकॉर्ड और एडमिट कार्ड से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों में सेंधमारी की बात को स्वीकार कर लिया है। संस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा में यह गंभीर चूक क्लाउड स्टोरेज कॉन्फिगरेशन (Cloud Storage Configuration) में आई तकनीकी खराबी के कारण हुई थी, जिसे दुरुस्त करने के लिए अब युद्धस्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हुआ खुलासा
जेईई एडवांस्ड परीक्षा से जुड़ा यह बेहद संवेदनशील डेटा लीक होने का मामला तब प्रकाश में आया, जब एक सतर्क यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में दावा किया गया कि जेईई एडवांस्ड 2026 के रिजल्ट सिस्टम से जुड़ा एक पब्लिक क्लाउड स्टोरेज तकनीकी खामी की वजह से इस कदर खुला रह गया था कि कोई भी व्यक्ति बिना किसी पासवर्ड, लॉगइन आईडी या वेरिफिकेशन के उसे आसानी से एक्सेस कर सकता था। सोशल मीडिया पोस्ट के आंकड़ों के मुताबिक, इस असुरक्षित स्टोरेज सर्वर पर लगभग 1,79,600 छात्र-छात्राओं के रिजल्ट का पूरा रिकॉर्ड और करीब 1,87,300 एडमिट कार्ड की ओरिजिनल पीडीएफ फाइलें सरेआम उपलब्ध थीं, जो साइबर सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ा ब्लंडर है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का दावा
इस पूरे मामले पर नजर रख रहे साइबर सुरक्षा रिसर्चर्स (Cyber Security Researchers) ने भी डेटा लीक के दावों पर अपनी मुहर लगा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लीक हुए इस विशाल डेटाबेस में परीक्षा देने वाले देश भर के उम्मीदवारों के नाम, उनकी जन्मतिथि (DoB), माता-पिता का विवरण, व्यक्तिगत मोबाइल नंबर और घर के पते जैसे गोपनीय विवरण शामिल थे। सोशल मीडिया पर जो स्क्रीनशॉट वायरल हुए हैं, उनमें छात्रों के एडमिट कार्ड और रिजल्ट संबंधी संवेदनशील रिकॉर्ड साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। साझा की गई तस्वीरों में से एक में उम्मीदवारों की निजी जानकारी वाले कई आधिकारिक जेईई एडवांस्ड 2026 के जरूरी दस्तावेज प्रदर्शित हो रहे थे, जबकि दूसरी तस्वीर में छात्रों के विषयवार प्राप्तांक (Subject-wise marks), ऑल इंडिया रैंक (AIR) और व्यक्तिगत विवरणों की पूरी सूची सार्वजनिक हो चुकी थी।
आईआईटी रुड़की की सफाई
डेटा लीक की इस बड़ी खबर से मचे हड़कंप के बीच आईआईटी रुड़की ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया। संस्थान ने सबसे पहले उस साइबर रिसर्चर को धन्यवाद दिया, जिसने इस गंभीर तकनीकी खामी को उजागर कर समय रहते उन्हें सूचित किया। आईआईटी रुड़की ने पुष्टि की कि यह पूरी समस्या क्लाउड स्टोरेज डिवाइस की सुरक्षा सेटिंग्स से जुड़ी हुई थी, जिसे अब प्राथमिकता के आधार पर पूरी तरह से ठीक किया जा रहा है। इसके साथ ही, संस्थान ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए तर्क दिया कि सिस्टम पर उपलब्ध सारा डेटा केवल ‘पढ़ने योग्य’ (Read-Only) मोड में था। इसका अर्थ यह है कि बाहरी व्यक्ति इस डेटा को देख तो सकता था, लेकिन मुख्य परीक्षा परिणाम या नंबरों में किसी भी प्रकार का बदलाव या हेरफेर करना तकनीकी रूप से बिल्कुल असंभव था।
रिजल्ट जारी होने के ठीक बाद हुई गड़बड़ी
उल्लेखनीय है कि आईआईटी रुड़की ने इसी सप्ताह की शुरुआत में जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजों की घोषणा की थी। यह कठिन परीक्षा देश के सभी प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) के ग्रेजुएशन प्रोग्राम (बीटेक) में दाखिला पाने का एकमात्र प्रवेश द्वार है। हालांकि, तकनीकी खामी को स्वीकार करने के बावजूद आईआईटी रुड़की प्रशासन ने अभी तक इस बात को लेकर कोई विस्तृत या अलग से स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है कि यह महत्वपूर्ण डेटा असल में कितने घंटों या दिनों तक इंटरनेट पर असुरक्षित स्थिति में पड़ा रहा। इसके साथ ही संस्थान ने इस पर भी चुप्पी साध रखी है कि जिन छात्रों की गोपनीयता भंग हुई है, क्या उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस सुरक्षा चूक की सूचना देकर सतर्क किया जाएगा या नहीं।
बार-बार होती तकनीकी गड़बड़ियों से छात्र और अभिभावक मानसिक तनाव में
इस साल देश के भीतर राष्ट्रीय स्तर की बड़ी परीक्षाओं के आयोजन और उनकी गोपनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। नीट यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक और मूल्यांकन विवाद के बाद अब देश की दूसरी सबसे बड़ी परीक्षा जेईई एडवांस्ड के नतीजों में डेटा सुरक्षा की इस बड़ी लापरवाही ने छात्रों और उनके माता-पिता की मानसिक चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। अभिभावकों का कहना है कि वे पहले से ही परीक्षाओं की शुचिता को लेकर डरे हुए हैं, और अब बच्चों का पर्सनल डेटा लीक होने से साइबर फ्रॉड और हैकिंग का खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि इस साल इससे पहले सीयूईटी यूजी (CUET-UG), नीट और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाओं के दौरान भी कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक विसंगतियों के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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