JNU Violence: लेफ्ट और ABVP छात्रों में झड़प, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

JNU कैंपस में लेफ्ट और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प के बाद तनाव का माहौल है। 22 फरवरी 2026 की रात को हुई इस घटना में कई छात्र घायल हुए और एकेडमिक बिल्डिंग्स में तालाबंदी की गई। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए BNS के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 23, 2026

JNU Violence: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) एक बार फिर वैचारिक जंग का मैदान बन गई है। 22 फरवरी, 2026 की रात को कैंपस में लेफ्ट-विंग ग्रुप्स और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों के बीच कथित तौर पर तीखी झड़प हुई। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उपद्रवियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई (BNS के तहत) करने का ऐलान किया है।

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कैंपस में हिंसा और शैक्षणिक भवनों पर तालाबंदी की स्थिति

बताते चले कि, यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के एक समूह ने कैंपस की कई एकेडमिक बिल्डिंग्स में ताले जड़ दिए थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारी छात्र सेंट्रल लाइब्रेरी के भीतर घुस गए और वहां पढ़ रहे अन्य छात्रों को जबरन बाहर निकालने के लिए डराया-धमकाया। प्रशासन ने इस “बेकाबू बर्ताव” और सार्वजनिक संपत्ति को पहुंचाए गए नुकसान की कड़ी निंदा की है। अधिकारियों का कहना है कि इसी जबरदस्ती के कारण दो गुटों के बीच हिंसा भड़की।

छात्र संगठनों के बीच विवाद और हिंसा के आरोप-प्रत्यारोप

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, सोमवार को हुई इस झड़प में दोनों पक्षों के कई छात्र घायल हुए हैं, जिसके बाद आरोपों का दौर शुरू हो गया है। ABVP के राज्य संयुक्त सचिव विकास पटेल ने दावा किया कि लेफ्ट-विंग के छात्रों ने मार्च की आड़ में इस हमले की पहले से योजना बनाई थी। पटेल का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उन छात्रों को निशाना बनाया जो उनके प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो रहे थे। दूसरी ओर, JNUSU प्रेसिडेंट अदिति मिश्रा ने वाइस चांसलर शांतिश्री डी पंडित पर “गुंडे” भेजने का आरोप लगाया और कहा कि छात्र दलित एवं अश्वेत समुदायों के खिलाफ की गई टिप्पणियों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे।

विश्वविद्यालय प्रशासन की सख्त चेतावनी

मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए JNU एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी स्टेकहोल्डर्स से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तरह की गैर-जरूरी गतिविधि या शैक्षणिक माहौल खराब करने की कोशिश पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने छात्रों की भलाई और उनके शैक्षणिक हितों की सुरक्षा का वादा दोहराया है। रात भर चली अशांति के बावजूद, यूनिवर्सिटी ने पुष्टि की है कि सभी कक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां अपने निर्धारित समय पर सुचारू रूप से चल रही हैं।

वीसी की टिप्पणी और विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण

विवाद की जड़ में वाइस चांसलर का एक हालिया पॉडकास्ट बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कुछ समुदायों के खिलाफ टिप्पणी की थी। लेफ्ट संगठनों का दावा है कि वे पिछले दो हफ्तों से हड़ताल पर हैं और इसी विरोध को कुचलने के लिए उन पर पत्थरबाजी और गाली-गलौज की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छात्रों ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए बाथरूम में बंद कर लिया और पुलिस को सूचना दी। फिलहाल, कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।

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