Tamil Nadu News: तमिलनाडु में बदलेगी राजनीति? BJP से इस्तीफा देकर अन्नामलाई ने खोली अपने दिल की बात

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी और "We The Leader" आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहेगा, लेकिन वे अब पारदर्शी और परिवारवाद मुक्त राजनीति के लिए स्वतंत्र राह पर आगे बढ़ेंगे।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 5, 2026

Tamil Nadu News:  तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार, 5 जून को भारतीय जनता पार्टी से अपने इस्तीफे की औपचारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने एक नए राजनीतिक सफर का आगाज करते हुए जनता से अपने आगामी अभियान में जुड़ने की अपील की है। अन्नामलाई का कहना है कि वे अब एक बिल्कुल नई और स्वतंत्र राजनीतिक दिशा की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जमीन से जुड़ी, स्वच्छ और पारदर्शी राजनीति की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसी विजन को लेकर वे आगे बढ़ेंगे।

रजनीकांत के प्रस्ताव को किया था अस्वीकार

बताते चले कि, अपने पुराने राजनीतिक सफर को याद करते हुए अन्नामलाई ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि 2020 में भाजपा में शामिल होने से पहले उन्हें सुपरस्टार रजनीकांत का फोन आया था, जिन्होंने उन्हें अपनी संभावित पार्टी में आने का न्योता दिया था। हालांकि, उन्होंने अभिनेता के प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया क्योंकि वे भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी.एल. संतोष को पहले ही पार्टी में शामिल होने का वचन दे चुके थे। अन्नामलाई ने 2009 में अपनी पहली इंटर्नशिप से लेकर भाजपा के कार्यकाल तक के अपने सफर का विवरण भी साझा किया।

नया राजनीतिक आंदोलन खड़ा करने की तैयारी

अन्नामलाई ने अपने नए राजनीतिक संगठन का नाम “We The Leader” रखा है। वे “APJ Abdul Kalam Ethics in Politics” नामक संस्था के माध्यम से युवाओं को राजनीतिक और नैतिक नेतृत्व का प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने संकल्प लिया है कि जब उनकी पार्टी का विधिवत गठन होगा, तो उसमें ‘टर्म लिमिट’ (कार्यकाल की सीमा) अनिवार्य होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य राजनीति में पनपने वाले परिवारवाद और वंशवादी राजनीति को जड़ से खत्म करना है। वे ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जहाँ सत्ता का केंद्र केवल एक परिवार न होकर जनता हो।

वैचारिक मतभेदों पर स्पष्ट रुख

इस्तीफे के बावजूद अन्नामलाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया है। उन्होंने साफ कहा कि वे पीएम मोदी का हमेशा आदर करते रहेंगे, लेकिन यदि किसी मुद्दे पर उनके और भाजपा के विचारों में मतभेद होगा, तो वे उसे पूरी स्पष्टता के साथ उठाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा में रहते हुए भी उन्होंने ‘त्रि-भाषा नीति’ का खुलकर विरोध किया था। इससे स्पष्ट है कि अन्नामलाई अपनी स्वतंत्र वैचारिक पहचान को लेकर समझौता करने के मूड में नहीं हैं।

अमित शाह के सामने रखी अपनी बात

अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे की प्रक्रिया को बेहद परिपक्व और पारदर्शी बताया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत मुलाकात की और पार्टी के भीतर महसूस की गई कमियों व अपने विचारों को नेतृत्व के सामने बेबाकी से रखा। उन्होंने कहा कि वे उन नेताओं में से नहीं हैं जो बिना किसी संवाद के इस्तीफा भेज दें। उन्होंने अपनी बात नेतृत्व के सामने रखने के बाद सम्मानजनक तरीके से अलग होने का मार्ग चुना है। तमिलनाडु की सियासत में अन्नामलाई का यह कदम भविष्य में क्या नया मोड़ लाएगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।