Annamalai Resign: तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने, विशेष रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनके इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। पिछले कुछ महीनों से अन्नामलाई और पार्टी के बीच चल रही कथित अनबन अब उनके इस्तीफे के साथ सार्वजनिक हो गई है। हालांकि, अन्नामलाई की विदाई काफी सम्मानजनक रही और उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लेने से पहले दिल्ली का दौरा किया, जो उनके राजनीतिक कौशल को दर्शाता है।
अमित शाह के साथ उच्च-स्तरीय बैठक के बाद लिया बड़ा फैसला
पार्टी छोड़ने की आधिकारिक घोषणा से पहले, अन्नामलाई ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने इस्तीफे के कारणों पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ विस्तृत चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई का मानना है कि भाजपा के भीतर उनके लिए अब भविष्य की संभावनाएं सीमित हैं, जिसके चलते उन्होंने यह कठिन कदम उठाया। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा तेज है कि वे अपनी एक नई राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं, क्योंकि वे पहले से ही “वी द लीडर्स” नामक एक संस्थान का संचालन कर रहे हैं।
पूर्व पुलिस अधिकारी से राजनेता तक का सफर
आपको बता दे कि, 41 वर्षीय के. अन्नामलाई का सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। खाकी वर्दी छोड़कर राजनीति में आए अन्नामलाई ने बहुत कम समय में खुद को एक प्रभावशाली जननेता के रूप में स्थापित किया। तमिलनाडु में भाजपा को शून्य से शिखर तक ले जाने का श्रेय काफी हद तक उन्हीं को दिया जाता है। उनके नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम था कि 2019 के लोकसभा चुनावों में जो पार्टी तमिलनाडु में मात्र 3.66 प्रतिशत वोट शेयर पर सिमटी थी, उसने 2024 के चुनावों में 11 प्रतिशत तक की महत्वपूर्ण छलांग लगाई।
भाजपा छोड़ने के पीछे की कहानी
अन्नामलाई के भाजपा छोड़ने के बाद तमिलनाडु की सियासत में एक खालीपन सा महसूस हो रहा है। उन्होंने जिस तरह से पार्टी को तमिलनाडु जैसे कठिन चुनावी मैदान में मजबूती प्रदान की, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। हालांकि, अब उनके अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या “वी द लीडर्स” संगठन ही उनकी आने वाली राजनीतिक पार्टी की नींव बनेगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन उनके इस्तीफे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तमिलनाडु में भाजपा के लिए अब एक नए नेतृत्व और नई रणनीति की तलाश शुरू हो गई है।










