Karnataka Politics: डीके शिवकुमार सरकार में होंगे 4 डिप्टी CM? कांग्रेस में हलचल तेज

कर्नाटक की राजनीति में बड़े सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट के बीच एक नया और दिलचस्प सियासी फॉर्मूला सामने आया है।

Karnataka Politics

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 27, 2026

Karnataka Politics: कर्नाटक की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य में पिछले कई महीनों से चल रही लीडरशिप चेंज (नेतृत्व परिवर्तन) की अटकलों पर अब पूरी तरह से मुहर लगती नजर आ रही है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं और उनकी जगह मौजूदा डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे। इस बड़े सत्ता परिवर्तन के साथ ही कर्नाटक कांग्रेस में असंतोष को थामने और राज्य के बड़े वोट बैंक को साधने के लिए एक बेहद अनूठा फॉर्मूला तैयार किया गया है, जिसके तहत नई डीके शिवकुमार सरकार में एक या दो नहीं, बल्कि पूरे चार उपमुख्यमंत्री (डिप्टी CM) बनाए जाएंगे।

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जातीय समीकरणों को साधने का नया फॉर्मूला

कांग्रेस आलाकमान ने कर्नाटक की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के लिए सोशल इंजीनियरिंग (जातीय समीकरण) का सहारा लिया है। सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में दलित, ओबीसी (OBC), लिंगायत और अल्पसंख्यक (मुस्लिम/ईसाई) समुदायों से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

इस कोटे से वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर और मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे का नाम सबसे आगे चल रहा है। सिद्धारमैया खेमे को संतुष्ट रखने के लिए उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को इस कोटे से डिप्टी सीएम का पद और अहम मंत्रालय सौंपने का प्रस्ताव है। राज्य के सबसे प्रभावशाली लिंगायत वोट बैंक को साधने के लिए एम.बी. पाटिल और ईश्वर खंड्रे के नामों पर गंभीरता से विचार हो रहा है। इस वर्ग से के.जे. जॉर्ज, यू.टी. खादर और जमीर अहमद खान के नामों की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हैं।

आज होने वाली ‘ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी’ से बढ़ी हलचल

बेंगलुरु में चल रही इस राजनीतिक उठापटक के बीच आज गुरुवार (28 मई 2026) की सुबह मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘कावेरी’ में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ होने जा रही है। इस बैठक में सत्ता के हस्तांतरण और मंत्रियों के विभागों के बंटवारे को लेकर आखिरी दौर की चर्चा होगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी

सूत्रों का कहना है कि इस नाश्ता डिप्लोमेसी के तुरंत बाद दोनों नेता एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, जिसमें कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन का औपचारिक एलान किया जा सकता है। पद छोड़ने से ठीक पहले सिद्धारमैया अपने समर्थक मंत्रियों और विधायकों के लिए एक डिनर पार्टी का आयोजन भी कर सकते हैं।

राहुल गांधी का सीधा हस्तक्षेप

बताया जा रहा है कि इस सत्ता परिवर्तन की पूरी पटकथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सीधे हस्तक्षेप के बाद लिखी गई है। राहुल गांधी ने खुद सिद्धारमैया से बातचीत कर उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ने और डीके शिवकुमार को कमान सौंपने को कहा है। इसके बदले में कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को केंद्र (राष्ट्रीय राजनीति) में एक बड़ी और अहम सांगठनिक जिम्मेदारी देने का भरोसा दिया है, साथ ही राज्य सरकार में उनके बेटे यतींद्र को मलाईदार विभाग सौंपने का वादा किया है।

हालांकि, पार्टी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक लिखित बयान जारी नहीं किया है, लेकिन डीके शिवकुमार के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। बेंगलुरु की सड़कों पर शिवकुमार को ‘भावी मुख्यमंत्री’ बताते हुए बधाई देने वाले पोस्टर और बैनर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे साफ है कि कर्नाटक में अब डीके युग की शुरुआत होने जा रही है।

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