LPG Crisis New Update: देशभर में रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत और गहराते ईंधन संकट के बीच केंद्र सरकार ने एक बेहद अप्रत्याशित और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने दशकों पुराने साथी ‘केरोसिन’ (मिट्टी का तेल) की देश के बाजारों में वापसी करा दी है। घरेलू ईंधन की किल्लत को देखते हुए मिट्टी के तेल की खुली बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है और इसके लिए 60 दिनों की विशेष मोहलत दी गई है। अब आम नागरिक राशन की दुकानों के अलावा चुनिंदा पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन खरीद सकेंगे। देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत इसकी एड-हॉक सप्लाई का पहिया घूम चुका है।
मिट्टी के तेल की खुली बिक्री
बताते चले कि, सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण आने वाले दिनों में एलपीजी और अन्य गैसों की आपूर्ति और ज्यादा बाधित हो सकती है। इसी संभावित आपात स्थिति और गंभीर संकट से निपटने के लिए सरकार ने केरोसिन की बिक्री से पाबंदी हटाने का यह कड़ा फैसला किया है। देश के दूर-दराज के देहाती और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक केरोसिन पहुंचाने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पेट्रोलियम सिक्योरिटी और लाइसेंसिंग से जुड़े कड़े नियमों में अस्थायी तौर पर बड़ी ढील दी गई है। साथ ही, उपभोक्ताओं को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पीएनजी (PNG) कनेक्शन लेने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
ईंधन की किल्लत से निपटने के प्रयास
केंद्र सरकार ने बीते दिन एक आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाया है। आदेश के तुरंत बाद केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय हरकत में आया और उसने 21 चिन्हित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी राशन की दुकानों के माध्यम से मिट्टी के तेल का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए। आम जनता को भविष्य में किसी भी प्रकार की विकट परिस्थिति या ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े, इसलिए राशन डीलरों के साथ-साथ अब सीधे पेट्रोल पंपों को भी 60 दिनों तक केरोसिन बेचने का अधिकार दिया गया है।
राशन की दुकान और पेट्रोल पंप पर केरोसिन
पेट्रोलियम मंत्रालय की सूची के अनुसार, जिन राज्यों को तत्काल प्रभाव से मिट्टी का तेल बेचने की अनुमति मिली है, उनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, गोवा, सिक्किम, नागालैंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे 13 प्रमुख राज्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, दादरा एवं नगर हवेली, दमन और दीव, तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह विशेष सप्लाई चेन लागू कर दी गई है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए नियम
केंद्र सरकार ने अपने आदेश में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि इस केरोसिन ऑयल का इस्तेमाल सिर्फ खाना पकाने और घरों में रोशनी करने के लिए ही किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार के व्यावसायिक या अवैध उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के पेट्रोल पंपों को ही इस तेल को स्टोर करने और डिस्ट्रीब्यूट करने का जिम्मा सौंपा गया है। नियमों के तहत, एक पेट्रोल पंप अधिकतम 5000 लीटर मिट्टी का तेल ही स्टॉक कर सकेगा और शुरुआती चरण में प्रति जिले केवल 2 पेट्रोल पंपों को ही इसकी खुदरा बिक्री की इजाजत दी गई है।
पेट्रोलियम रूल्स में ढील और सख्त प्रोटोकॉल
इस आपातकालीन परिस्थिति को देखते हुए केरोसिन के परिवहन, स्टॉक और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े डीलरों और उनके वाहनों को ‘पेट्रोलियम रूल्स 2002’ के कुछ जटिल लाइसेंसिंग प्रावधानों से अस्थायी राहत दी गई है। हालांकि, सरकार ने सुरक्षा के मोर्चे पर कोई समझौता नहीं किया है। ‘पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन’ (PESO) द्वारा जारी किए गए कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देशों और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। इस संवेदनशील ईंधन के रख-रखाव में जरा सी भी लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।









